विज्ञापन

उस एक्ट्रेस की 5 तस्वीरें, जिसने इंदिरा गांधी का रोल प्ले कर राजनीतिक गलियारों में मचाया था हलचल, हर फोटो में दिखेगी ग्लैमर और खूबसूरती

सुचित्रा सेन ने अपने करियर की शुरुआत बंगाली फिल्मों से की. शुरुआती फिल्म 'शेष कोथाय' रिलीज नहीं हो पाई. उन्होंने 'चौत्तोर' फिल्म से डेब्यू किया. इस फिल्म में सुचित्रा ने उत्तम कुमार के साथ काम किया. इस जोड़ी ने पर्दे पर 20 साल राज किया. सुचित्रा ने अपने करियर में 61 में से 30 फिल्में उत्तम कुमार के साथ ही कीं.

उस एक्ट्रेस की 5 तस्वीरें, जिसने इंदिरा गांधी का रोल प्ले कर राजनीतिक गलियारों में मचाया था हलचल, हर फोटो में दिखेगी ग्लैमर और खूबसूरती
सुचित्रा सेन की पांच खूबसूरत तस्वीरें
नई दिल्ली:

भारतीय सिनेमा में कई सितारे आए और गए, लेकिन कुछ नाम ऐसे होते हैं जो समय के साथ और भी बड़े हो जाते हैं. सुचित्रा सेन ऐसा ही एक नाम हैं, जिनकी खूबसूरती और अदाकारी ने उन्हें लोगों के दिलों में हमेशा के लिए बसा दिया. हालांकि सुचित्रा सेन की जिंदगी सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसमें कई ऐसे फैसले भी थे, जिन्होंने उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बना दिया. उन्हीं में से एक फैसला देश के सबसे बड़े सिनेमा सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार को ठुकराने का था. हालांकि, इस कहानी की शुरुआत उनके साधारण जीवन से होती है.

सुचित्रा सेन का जन्म 6 अप्रैल 1931 को बंगाल के एक छोटे से गांव में हुआ था, जो आज बांग्लादेश में है. उनका असली नाम रोमा दास गुप्ता था. उनके पिता हेड मास्टर और मां गृहणी थीं. कम उम्र में ही उनकी शादी दीबानाथ सेन से हो गई थी. शादी के एक साल बाद उन्होंने बेटी मुनमुन सेन को जन्म दिया. सुचित्रा को बचपन से गाने और अभिनय का शौक था और उनके पति ने ही उन्हें फिल्मों में आने के लिए प्रेरित किया. यहीं से उनके सपनों को उड़ान मिली और उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रखा.

यह भी पढ़ें - Sunanda Sharma Concert Incident: सुनंदा शर्मा को छूने के लिए लाइव कंसर्ट के बीच स्टेज पर चढ़ा फैन, बीच में शो छोड़ भागी सिंगर

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बंगाली फिल्मों से की. शुरुआती फिल्म 'शेष कोथाय' रिलीज नहीं हो पाई. उन्होंने 'चौत्तोर' फिल्म से डेब्यू किया. इस फिल्म में सुचित्रा ने उत्तम कुमार के साथ काम किया. इस जोड़ी ने पर्दे पर 20 साल राज किया. सुचित्रा ने अपने करियर में 61 में से 30 फिल्में उत्तम कुमार के साथ ही कीं.हिंदी सिनेमा में सुचित्रा सेन ने 'मुसाफिर', 'देवदास', 'हॉस्पिटल',' मुंबई का बाबू', 'ममता' और 'आंधी' जैसी फिल्मों में भी दमदार अभिनय किया.उनके अभिनय में एक खास बात थी. वे अपनी आंखों और भावों से ही कहानी कह देती थीं, जिससे दर्शक उनसे जुड़ जाते थे.

एक समय ऐसा भी आया, जब वे बड़े-बड़े हीरो से ज्यादा फीस लेने लगीं. साल 1978 में उनकी फिल्म 'प्रणय पाशा' फ्लॉप हो गई, जिसने उन्हें अंदर से झकझोर दिया. इसके बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और धीरे-धीरे पूरी दुनिया से खुद को अलग कर लिया.

यह भी पढ़ें - क्या धुरंधर से भी बड़ी होगी रणबीर कपूर की रामायणम्, एक्टर ने दी हिंट, 'लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' से की तुलना

यहीं से उनकी जिंदगी का सबसे अलग और अनोखा दौर शुरू हुआ. सुचित्रा सेन ने गुमनामी का रास्ता चुन लिया और करीब 36 साल तक लोगों से दूर रहीं. उन्होंने सार्वजनिक जगहों पर आना बंद कर दिया और अपना जीवन एकांत में बिताने लगीं. इसी दौरान साल 2005 में उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार देने का फैसला किया गया, जो भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है, लेकिन उन्होंने यह सम्मान लेने से साफ मना कर दिया, क्योंकि वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आना चाहती थीं.

आखिरकार 17 जनवरी 2014 को सुचित्रा सेन का निधन हो गया. उनकी आखिरी इच्छा भी काफी अलग थी, वे चाहती थीं कि उनके जाने के बाद भी उनका चेहरा किसी को न दिखाया जाए. उनके परिवार ने उनकी इस इच्छा का पूरा सम्मान किया.
 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Suchitra Sen Age, Suchitra Sen Bollywood Movies, Suchitra Sen Death, Suchitra Sen Death Reason, Suchitra Sen Grand Daughters
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com