100 रुपए प्रति पीस वाला फल! अब बिहार में उगाकर भी हो सकती है कमाई, सांसद ने दिखाया रास्ता

Bihar News: बिहार के सारण में सांसद राजीव प्रताप रूडी नेखेती में एक नया प्रयोग किया है. सांसद ने 'पैशन फ्रूट' की खेती शुरू की. जिसका एक फल ₹100 प्रति पीस बिकता है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
पैशन फ्रूट
NDTV

Passion Fruit Farming: बिहार के सारण जिले  के अमनौर क्षेत्र में सांसद राजीव प्रताप रूडी ने पैशन फ्रूट की खेती की शुरुआत कर एक नया प्रयोग किया है. राज्य में इस विदेशी फल की खेती अभी बेहद कम देखने को मिलती है. दक्षिण भारत और उत्तर-पूर्व के राज्यों तक सीमित रहने वाला यह विदेशी फल अब बिहार के गांवों में लहलहाएगा. ऐसे में यह पहल किसानों और आम लोगों  बीच चर्चा का विषय बन गई है.

दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों में महंगा बिकता है पैशन फ्रूट

सांसद रूडी ने इस फल की खासियत बताते हुए कहा कि प्रीमियम फूड प्रोडक्ट्स होने के कारण पैशन फ्रूट की डिमांड बड़े शहरों में लगातार बढ़ रही है. दिल्ली, मुंबई और दूसरे मेट्रो शहरों में एक पैशन फ्रूट करीब 70 से 100 रुपये तक बिक जाता है. हेल्थ ड्रिंक्स, जूस और प्रीमियम फूड प्रोडक्ट्स मेंइसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे बिहार के किसानों के लिए कमाई के नए रास्ते खुलेंगे.

जून से सितंबर तक रहता है पैशन फ्रूट का सीजन

पैशन फ्रूट की खेती के लिए गर्म और हल्के नम मौसम में इसकी पैदावार सबसे बेहतर मानी जाती है. इस पर फूल आने मार्च से मई के बीच शुरू होते हैं.  इसकी फसल जून से सितंबर तक बाजार में तैयार होकर आ जाती हैं . अनुकूल परिस्थितियों में नवंबर से जनवरी के बीच भी इसकी दूसरी उपज ली जा सकती है.

पैशन फ्रूच के साथ सांसद राजीव प्रताप रूडी
Photo Credit: NDTV

स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना

यह फलय न केवल दिखने में आकर्षक है, बल्कि   विटामिन-C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर माना जाता है. डॉक्टर और फिटनेस एक्सपर्ट भी इसे हेल्दी फ्रूट मानते हैं. इसका स्वाद मीठा और हल्का खट्टा होता है, जिसकी वजह से लोग इसे काफी पसंद करते हैं.

Advertisement

आखिर कहां पाया जाता है यह फल?

पैशन फ्रूट मुख्य रूप से दक्षिण भारत के कर्नाटक, केरल, तमिलनाडुऔर नॉर्थ-ईस्ट के नागालैंड, मिजोरम और मेघालय जैसे पहाड़ी इलाकों में उगाया जाता है. यह गर्म और हल्के नम मौसम में अच्छी पैदावार देता है.

छपरा से पूरे बिहार में चलेगा अभियान

सांसद राजीव प्रताप रूडी ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के जरिए इस 'एक्सपेरिमेंट' को साझा करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य छपरा की धरती से इस अभियान को पूरे बिहार में फैलाना है. उन्होंने कहा कि हमने गांव के स्तर पर बड़े पैमाने पर यह प्रयोग किया है ताकि हमारे किसान पारंपरिक खेती से हटकर ऐसी फसलों की ओर बढ़ें, जिनकी बाजार में ऊंची कीमत है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'कैसे दे दी विजय को सीएम वाली सुरक्षा...', तमिलनाडु के गवर्नर ने डीजीपी से पूछा

Featured Video Of The Day
Prateek Yadav death News Updates: फिट बॉडी, जिम लवर... फिर कैसे गई जान? प्रतीक यादव की मौत बनी पहेली!
Topics mentioned in this article