Gopalganj News: इंसान का लालच कभी-कभी उसे ऐसी जगह ले जाकर खड़ा कर देता है जहां से वापसी का कोई रास्ता नहीं होता. बिहार के गोपालगंज जिले के बलथरी चेकपोस्ट पर तैनात प्रवर्तन अवर निरीक्षक (Enforcement Sub Inspector) हेमंत कुमार प्रसाद के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. उन्होंने 400 रुपये की मामूली रकम के लालच में न सिर्फ जेल की हवा खाई, बल्कि अब अपनी सरकारी नौकरी भी हमेशा के लिए गवा बैठे. परिवहन विभाग ने उन्हें सेवा से बर्खास्त (Dismiss) कर दिया है.
क्या था पूरा मामला?
करीब दो सप्ताह पहले गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी को खबर मिली थी कि बलथरी चेकपोस्ट पर ट्रक ड्राइवरों से अवैध वसूली की जा रही है. इसी बीच पंजाब से आ रहे एक ट्रक ड्राइवर हरप्रीत सिंह ने पुलिस से गुहार लगाई. ड्राइवर का आरोप था कि ईएसआई हेमंत प्रसाद ने मैकेनिकल जांच के नाम पर उससे 400 रुपये मांगे और पैसे न देने पर 'देख लेने' की धमकी दी.
जब खुद एसपी ने की छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी विनय तिवारी खुद सीमा पर पहुंचे. जांच में ड्राइवर के आरोप सही पाए गए. एसपी के आदेश पर ईएसआई हेमंत कुमार प्रसाद के खिलाफ कुचायकोट थाने में एफआईआर दर्ज की गई और उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. सिर्फ इतना ही नहीं, एसपी ने उनकी संपत्ति की जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को भी चिट्ठी लिखी थी.
विभाग ने लिया बड़ा एक्शन
एसपी की रिपोर्ट मिलने के बाद परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया. विभाग ने माना कि भ्रष्टाचार के ऐसे मामलों में कोई ढील नहीं दी जा सकती, जिसके बाद हेमंत कुमार प्रसाद को नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया गया.
इस कार्रवाई के बाद से बलथरी चेकपोस्ट का नजारा ही बदल गया है. जो दलाल पहले चेकपोस्ट के आस-पास मंडराते थे, वे अब दफ्तर छोड़कर फरार हैं. परिवहन विभाग के अन्य कर्मियों में भी इस बर्खास्तगी से जबरदस्त खौफ है. फिलहाल, चेकपोस्ट पर बिना किसी अवैध वसूली के वाहन आराम से गुजर रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी लोग इस कार्रवाई की जमकर तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि भ्रष्टाचार का यही अंजाम होना चाहिए.
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