पटना यूनिवर्सिटी चुनाव में बवाल: अध्यक्ष पद का उम्मीदवार पुलिस हिरासत में, ABVP पर लगाया 'टिकट बेचने' का आरोप

एबीवीपी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार का चयन संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत किया गया है. पार्टी ने इस बार एक छात्रा को उम्मीदवार बनाया है, जो विश्वविद्यालय स्तर पर सक्रिय रही हैं और विभिन्न छात्र कार्यक्रमों में नेतृत्व की भूमिका निभा चुकी हैं.

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  • पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव से पहले अंचल कुमार को वीमेंस कॉलेज गेट के बाहर पुलिस ने हिरासत में लिया था.
  • अंचल कुमार ने एबीवीपी पर टिकट वितरण में गड़बड़ी और पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाया था.
  • एबीवीपी ने महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए अध्यक्ष पद की उम्मीदवार के रूप में एक छात्रा को चुना है.
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पटना:

पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव (PUSU) चुनाव से ठीक पहले कैंपस की राजनीति गरमा गई है. अध्यक्ष पद के दावेदार रहे अंचल कुमार को गुरुवार को पटना वीमेंस कॉलेज के गेट के बाहर से पुलिस ने हिरासत में ले लिया. अंचल कुमार खुद को एबीवीपी से अध्यक्ष पद का पूर्व दावेदार बता रहे हैं. उनका आरोप है कि उन्होंने विधिवत नामांकन दाखिल किया था, लेकिन बाद में संगठन ने किसी अन्य छात्रा को टिकट दे दिया.

अंचल कुमार का कहना है कि टिकट वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती गई और “टिकट बेचने” जैसी गंभीर गड़बड़ी हुई है. इसी के विरोध में उनके समर्थकों ने एबीवीपी कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया था. संगठन की ओर से इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी.

हिरासत में क्यों लिया गया?

गुरुवार को अंचल कुमार PWC गेट के बाहर एबीवीपी के खिलाफ विरोध जता रहे थे. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें हिरासत में ले लिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम एहतियातन उठाया गया ताकि चुनावी माहौल और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो.

एबीवीपी का पक्ष क्या है?

एबीवीपी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार का चयन संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत किया गया है. पार्टी ने इस बार एक छात्रा को उम्मीदवार बनाया है, जो विश्वविद्यालय स्तर पर सक्रिय रही हैं और विभिन्न छात्र कार्यक्रमों में नेतृत्व की भूमिका निभा चुकी हैं. संगठन का दावा है कि महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने की सोच के तहत यह फैसला लिया गया.

NSUI ने साधा निशाना

इस पूरे घटनाक्रम पर National Students' Union of India (एनएसयूआई) ने एबीवीपी पर तीखा हमला बोला है. एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार ने कहा कि छात्र राजनीति में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन होना चाहिए. एनएसयूआई का आरोप है कि अगर सब कुछ पारदर्शी होता तो विरोध की नौबत नहीं आती. संगठन ने टिकट वितरण की प्रक्रिया को संदिग्ध बताया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है.

कब होगा चुनाव?

पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव इस महीने के अंत में प्रस्तावित है. विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार नामांकन और मतदान की प्रक्रिया तय समय पर पूरी की जाएगी. मतदान के दिन ही मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है. चुनाव से पहले इस तरह की घटनाओं ने कैंपस की सियासत को और गर्म कर दिया है. आने वाले दिनों में छात्र संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है. फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

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