- पटना में नाबालिग प्रेमिका को गर्भवती कर डिलीवरी के वक्त नवजात बच्चे को बेचने की साजिश रची गई थी
- प्रेमी राहुल और उसकी मां लक्ष्मी देवी ने मिलकर बच्चे को पालने के बजाय बेचकर मुनाफा कमाने की योजना बनाई थी
- अनीसाबाद के संजीवनी क्लिनिक में बिना रजिस्ट्रेशन और विशेषज्ञ डॉक्टर के प्री-मैच्योर डिलीवरी कराई गई थी
राजधानी पटना से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है. एक कलयुगी प्रेमी ने नाबालिग प्रेमिका के साथ जो किया, उसे सुनकर किसी का भी कलेजा फट जाए. प्यार का झांसा देकर पहले उसे गर्भवती किया और जब डिलीवरी का वक्त आया, तो मासूम नवजात को ही बेचने का प्लान बना डाला. हैरानी की बात यह है कि इस घिनौनी साजिश में प्रेमी राहुल अकेला नहीं था, बल्कि उसकी मां लक्ष्मी देवी भी बराबर की भागीदार थी. जब राहुल ने अपनी मां को बताया कि उसकी नाबालिग प्रेमिका गर्भवती है, तो दोनों ने मिलकर बच्चे को पालने के बजाय उसे 'बेचकर' मुनाफा कमाने की योजना बनाई.
बिना रजिस्ट्रेशन वाले 'नरक' में कराई गई डिलीवरी
2 मार्च को राहुल धोखे से नाबालिग को अनीसाबाद स्थित संजीवनी क्लिनिक ले गया. पीड़िता मात्र 7 महीने की गर्भवती थी. अस्पताल की लापरवाही और दरिंदगी का आलम देखिए. बच्ची की जान जोखिम में डालकर जबरन प्री-मैच्योर डिलीवरी कराई गई. अस्पताल में कोई स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं थी; एक सर्जन ने ही डिलीवरी कर दी. जांच में पता चला है कि इस क्लिनिक का कोई रजिस्ट्रेशन तक नहीं है.
पुलिस की मुस्तैदी से नाकाम हुए मंसूबे
जब नाबालिग घर नहीं लौटी, तो मां की शिकायत पर पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की. सचिवालय डीएसपी डॉ. अनु के नेतृत्व में जब पुलिस संजीवनी अस्पताल पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई. प्रेमी राहुल, उसकी मां लक्ष्मी देवी और अस्पताल संचालक राकेश को जेल भेज दिया गया. आरोपियों पर अपहरण, पॉक्सो एक्ट और अवैध अस्पताल संचालन की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. डिलीवरी करने वाले डॉक्टर की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है. पुलिस ने कोर्ट से नवजात के डीएनए टेस्ट की अनुमति मांगी है ताकि साक्ष्य और पुख्ता हो सकें.
पुलिस के मुताबिक, "बेटी अभी बाल कल्याण समिति की देखरेख में है. अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह गैंग पहले भी नवजात बच्चों का सौदा कर चुका है."














