पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव गुरुवार (23 अप्रैल) को नालंदा पहुंचे थे. यहां वह दुष्कर्म के बाद आत्महत्या करने वाली पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की. इसके साथ ही पप्पू यादव ने यहां अपने बयानों के लिए मांफी मांगी. उन्होंने कहा मेरे बयान से किसी भी महिलाओं को ठेस पहुंची हो तो मैं उनसे माफी मांगता हूं. पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा जताया और परिवार को 25 हजार रुपये की सहायता राशि भी दी.
पिता के सामने पिस्तौल की नोक पर रेप
गौरतलब है कि 13 दिन पूर्व नालंदा थाना क्षेत्र के कपटसरी गांव में एक नाबालिग के साथ उसके पिता के सामने पिस्तौल की नोक पर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था. घटना से आहत होकर पीड़िता ने बाद में आत्महत्या कर ली थी. परिजनों का आरोप है कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बावजूद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.
इस दौरान पप्पू यादव ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह समाज की बेटी का मामला है और उसे हर हाल में न्याय मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को सदन में उठाकर लड़ाई लड़ेंगे.
पप्पू यादव ने बयान पर क्या दी सफाई
महिला आरक्षण बिल को लेकर दिए गए अपने बयान पर सफाई देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि उनका बयान उन नेताओं के खिलाफ था, जो महिलाओं को गलत नजर से देखते हैं. उन्होंने दावा किया कि इस तरह के मामलों का खुलासा सदन और मीडिया के स्टिंग ऑपरेशन में भी हो चुका है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती है.
उन्होंने आगे कहा कि उनके बयान से यदि किसी महिला को ठेस पहुंची है, तो वे इसके लिए माफी मांगते हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वे महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहेंगे और जरूरत पड़ने पर इस मामले में कोर्ट का रुख भी करेंगे.
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