जज का ड्राइवर पति ही निकला पत्नी का कातिल, सामने आई खौफनाक साजिश की कहानी

कानून के रखवालों की गाड़ी चलाने वाला ही कानून का कातिल निकला. 30 जनवरी को नगर थाना क्षेत्र के चौहट्टा मोहल्ले में हुई गुड़िया देवी की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है.

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  • नगर थाना क्षेत्र के चौहट्टा मोहल्ले में गुड़िया देवी की हत्या का खुलासा पुलिस ने २४ घंटे में किया
  • हत्या का आरोपी मृतका का पति अर्जुन पासवान है जो एक एडीजे का निजी ड्राइवर है
  • आरोपी ने प्रारंभ में पड़ोसियों पर हत्या का आरोप लगाया था जिसे पुलिस ने झूठा साबित किया
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वैशाली:

कानून के रखवालों की गाड़ी चलाने वाला ही कानून का कातिल निकला. 30 जनवरी को नगर थाना क्षेत्र के चौहट्टा मोहल्ले में हुई गुड़िया देवी की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है. चौंकाने वाली बात यह है कि हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि मृतका का पति अर्जुन पासवान है, जो एक एडीजे (ADJ-4) का निजी ड्राइवर है. घटना के बाद आरोपी पति अर्जुन ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी सुनाई थी. उसने आरोप लगाया था कि जब उसकी पत्नी चापाकल से पानी भर रही थी, तभी पड़ोसियों ने पुरानी रंजिश में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी. लेकिन पुलिस की जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने यह कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई.  

पुलिस को कैसे हुआ शक?

सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को शुरुआत से ही अर्जुन के बयानों पर संदेह था. शक गहराने के मुख्य कारण निम्नलिखित थे. अर्जुन और उसके घर वालों ने दावा किया कि उन्होंने गोली चलने की आवाज ही नहीं सुनी, जो नामुमकिन था. वैज्ञानिक जांच और तकनीकी सबूतों ने अर्जुन की मौजूदगी और संलिप्तता की ओर इशारा किया.

हत्या की असली वजह: शराब और हैवानियत

पुलिस जांच में सामने आया कि अर्जुन पासवान शराब के नशे का आदि था और उसे अवैध हथियार रखने का शौक था. 29 जनवरी की देर रात अर्जुन शराब के नशे में घर पहुंचा. जब उसकी पत्नी गुड़िया देवी ने उसे शराब पीने से मना किया, तो दोनों के बीच तीखी बहस हुई. गुस्से में आकर अर्जुन ने अपनी अवैध पिस्टल निकाली और पत्नी को गोली मार दी. अस्पताल ले जाते समय उसने हत्या में इस्तेमाल पिस्टल, दो मैगजीन और कारतूस बगल के एक बगीचे में फेंक दिए थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है.  

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अर्जुन पासवान का व्यक्तित्व आपराधिक रहा है. उस पर पहले से भी कई मामले दर्ज हैं. जज का ड्राइवर होने के बावजूद वह घर पर अवैध हथियार रखता था और छोटी-छोटी बातों पर हिंसक हो जाता था. सदर एसडीपीओ  सुबोध कुमार ने बताया, "आरोपी ने पड़ोसियों को फंसाने की पूरी साजिश रची थी, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों ने उसे बेनकाब कर दिया# उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. "
 

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