कुंडली के तीसरे भाव में चंद्रमा का कैसा होता है प्रभाव, जानें कुछ खास बातें

तीसरे भाव में चंद्रमा के प्रभाव से व्यक्ति में कई कलात्मक गुण विकसित होते हैं. जिज्ञासु प्रवृत्ति का होने के कारण ये हमेशा कुछ न कुछ नया सीखना चाहते हैं.

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तीसरे भाव में चंद्रमा के प्रभाव से व्यक्ति काफी विद्वान होता है.

Astrology: कुंडली के तीसरे भाव में चंद्रमा के प्रभाव से व्यक्ति कलात्मक रूप से बेहतर होता है. जातक के हर कार्य में नयापन देखने को मिलता है. कुंडली के तीसरे भाव के स्वामी ग्रह बुध और कारक ग्रह मंगल हैं. ऐसे में जातक काफी साहसी और पराक्रमी होता है. सामाजिक स्तर पर भी इन्हें काफी मान-सम्मान मिलता है. तीसरे भाव में चंद्रमा के प्रभाव से व्यक्ति काफी विद्वान होता है. उसमें लगातार कुछ नया सीखने की ललक होती है. चंद्रमा मन के कारक होते हैं और तीसरे भाव में चंद्रमा के होने से जातक को कई अच्छे और बुरे बदलावों का सामना करना पड़ सकता है.

चंद्रमा के सकारात्मक प्रभाव

तीसरे भाव में चंद्रमा के प्रभाव से व्यक्ति में कई कलात्मक गुण विकसित होते हैं. जिज्ञासु प्रवृत्ति का होने के कारण ये हमेशा कुछ न कुछ नया सीखना चाहते हैं. खर्च करने की बजाय सेविंग्स के प्रति इनकी रूचि देखने को मिलती है. ये काफी खुशमिजाज होते हैं. इन्हें नई-नई जगहों की यात्रा भी पसंद होती है. इनका संवाद कौशल भी बेहतर होता है. चंद्रमा अगर मजबूत तो व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है.

चंद्रमा के नकारात्मक प्रभाव

तीसरे भाव में चंद्रमा के सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं. हालांकि, इस भाव में चंद्रमा अशुभ ग्रहों जैसे मंगल, शनि, राहु और केतु की राशि में हों, तो जातक अपने करीबियों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. चंद्रमा अगर दुषित हों, तो व्यक्ति को मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. मूड स्विंग्स का भी सामना करना पड़ सकता है. इस भाव में चंद्रमा के कारण कई बार निर्णय लेने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.

वैवाहिक जीवन पर प्रभाव

कुंडली के तीसरे भाव में चंद्रमा महिलाओं के लिहाज से अच्छे माने जाते हैं. इस भाव में चंद्रमा के प्रभाव से जातक का विवाह के बाद भाग्योदय होता है. ऐसा व्यक्ति देखने में भी काफी आकर्षक होता है. हालांकि, इस भाव में चंद्रमा का वैवाहिक जीवन पर सीधे-सीधे कोई प्रभाव देखने को नहीं मिलता.

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करियर पर प्रभाव

चंद्रमा के तीसरे में मौजदूगी के प्रभाव से जातक की लेखन में रूचि होती है. चूंकि ये काफी रचनात्मक होते हैं. इनमें आध्यात्मिकता भी होती है, इसलिए ये एक आध्यात्मिक गुरू भी हो सकते हैं. तीसरे भाव में चंद्रमा के प्रभाव से व्यक्ति को कम्यूनिकेशन और ब्रोकरिंग जैसे क्षेत्र और कार्य से लाभ होता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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