What is Temple Device? : Temple एक एक्सपेरिमेंटल वियरेबल सेंसर है, जिसे जोमैटो के CEO दीपिंदर गोयल की रिसर्च वेंचर Continue Research ने विकसित किया है. गोयल का दावा है कि, यह डिवाइस रियल टाइम में Cerebral Blood Flow यानी दिमाग में खून के बहाव को लगातार माप सकता है. उनका मानना है कि Gravity And Human Aging के बीच सीधा रिश्ता हो सकता है और यही सोच Temple की बुनियाद है.
AIIMS डॉक्टर ने क्यों उठाए सवाल? (AIIMS Doctor Raises Concerns)
AIIMS दिल्ली के रेडियोलॉजिस्ट और AI रिसर्चर डॉ. सुव्रंकर दत्ता (Dr. Suvrankar Datta) ने इस डिवाइस को 'बिलियनेयर्स का फैंसी टॉय' (fancy toy for billionaires) बताते हुए इसकी वैज्ञानिक उपयोगिता पर सवाल खड़े कर दिए. डॉ. दत्ता के मुताबिक, Temple की अभी कोई Clinical Validation नहीं है और मेडिकल टूल के तौर पर इसका Zero Scientific Standing है. उन्होंने साफ कहा कि आम लोगों को ऐसे अप्रमाणित डिवाइस पर अपनी मेहनत की कमाई खर्च नहीं करनी चाहिए
ओपन-सोर्स साइंस या पब्लिक एक्सपेरिमेंट? (experimental medical device)
दीपिंदर गोयल खुद कहते हैं कि वे यह बात CEO के तौर पर नहीं, बल्कि एक जिज्ञासु इंसान के रूप में साझा कर रहे हैं. उन्होंने Temple को Open-Source, विज्ञान-समर्थित और मानव दीर्घायु (longevity) की खोज का हिस्सा बताया है. हाल ही में राज शमानी के पॉडकास्ट और एक चिल्ड्रन्स डे इवेंट में Temple पहनकर दिखना भी इसी खुले प्रयोग की झलक माना जा रहा है. यह मामला सिर्फ एक गैजेट का नहीं, बल्कि Science Vs Hype, Medical Ethics और Public Trust का है. जब बड़े नाम किसी एक्सपेरिमेंटल डिवाइस को सार्वजनिक मंच पर पहनते हैं, तो लोगों का भरोसा भी जुड़ जाता है...यहीं पर फैक्ट्स और सावधानी सबसे जरूरी हो जाती है.
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