दुनिया के कई देशों में बैन, फिर भी भारत में क्यों उड़ान भरती है ईरान की Mahan Air? जानिए पूरा मामला

Mahan Air का मामला सिर्फ एक एयरलाइन का नहीं, बल्कि राजनीति, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का जटिल मिश्रण है. जहां एक तरफ कई देश इसे खतरा मानते हैं, वहीं भारत इसे जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करने की नीति अपनाता है.

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30 साल पुरानी एयरलाइन पर इतने आरोप, फिर भी भारत में कैसे चल रही है?

Why India allows Mahan Air: ईरान की एयरलाइन Mahan Air एक बार फिर चर्चा में है. हाल ही में ईरान के मशहद एयरपोर्ट पर हुए कथित अमेरिकी हमले के बाद इस एयरलाइन का नाम सुर्खियों में आ गया है. बताया जा रहा है कि इस एयरलाइन का एक विमान भारत के लिए मेडिकल सप्लाई लेने आने वाला था, लेकिन हमले में उसे नुकसान पहुंचा.

क्या है ताजा मामला?

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, यह फ्लाइट भारत से जरूरी मेडिकल सामान लाने वाली थी. इससे पहले 18 मार्च को भारत ने ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (Iranian Red Crescent Society) के जरिए मदद भेजी थी. हालांकि, अमेरिका ने इस हमले की पुष्टि नहीं की है.

Mahan Air पर क्यों लगे प्रतिबंध?

Mahan Air की शुरुआत 1991 में हुई थी और यह ईरान की पहली प्राइवेट एयरलाइन थी. लेकिन, समय के साथ इस पर कई गंभीर आरोप लगे. अमेरिका ने 2011 में इस एयरलाइन पर प्रतिबंध लगा दिया. आरोप था कि यह एयरलाइन इस्लामिक क्रांतिकारी गार्ड कोर की मदद करती है, खासकर उसकी क़ुद्स फ़ोर्स को. कई देशों का दावा है कि यह एयरलाइन आम यात्रियों के अलावा हथियार, पैसे और सैन्य सामान भी ले जाती है.

किन-किन देशों ने किया बैन?

धीरे-धीरे कई देशों ने Mahan Air पर प्रतिबंध लगा दिया. 
- जर्मनी ने 2019 में बैन किया
- फ्रांस, इटली और स्पेन ने भी रोक लगाई
- सऊदी अरब ने 2016 में ही इसे बंद कर दिया था
- 2024 तक यूरोपीय यूनियन ने भी इस पर व्यापक प्रतिबंध लगा दिया

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आज के समय में यह एयरलाइन अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और यूरोप के ज्यादातर देशों में बैन है.

हथियार तस्करी के आरोप

Mahan Air पर आरोप है कि यह दमिश्क और बेरूत जैसे शहरों तक उड़ान भरकर हथियार पहुंचाने में इस्तेमाल होती है. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि फर्जी नामों से टिकट बुकिंग और संदिग्ध यात्रियों का इस्तेमाल किया गया. हालांकि, ईरान सरकार इन सभी आरोपों को खारिज करती रही है और इसे एक सामान्य कमर्शियल एयरलाइन बताती है.

सुरक्षा रिकॉर्ड भी सवालों में

इस एयरलाइन का सेफ्टी रिकॉर्ड भी विवादों में रहा है. कई बार तकनीकी खराबी, रनवे से फिसलने और इंजन फेल जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं. हालांकि, अब तक कोई बड़ा जानलेवा हादसा नहीं हुआ है.

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भारत में क्यों नहीं है बैन?

जहां दुनिया के कई देशों ने Mahan Air पर प्रतिबंध लगाया है, वहीं भारत ने ऐसा नहीं किया. भारत इस मामले में थोड़ा अलग रुख अपनाता है. जरूरत के अनुसार फ्लाइट्स को अनुमति दी जाती है. खासकर मानवीय (humanitarian) और इवैक्यूएशन मिशन में. कोरोना काल के दौरान भी इस एयरलाइन का इस्तेमाल भारतीयों को वापस लाने और मेडिकल सैंपल ले जाने में किया गया था.

भारत-ईरान संबंध भी अहम कारण

भारत और ईरान के बीच अच्छे संबंध हैं, खासकर ऊर्जा और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को लेकर. चाबहार बंदरगाह जैसे प्रोजेक्ट भी दोनों देशों को जोड़ते हैं. इसी वजह से भारत सुरक्षा चिंताओं के साथ-साथ मानवीय जरूरतों और कूटनीतिक संतुलन को भी ध्यान में रखता है.

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