Dog rescued from Ganga river: कहते हैं गंगा मैया सबकी सुनती हैं और इस बार उन्होंने एक नन्हे बेजुबान की पुकार सुन ली. उफनती लहरों के बीच एक पत्थर पर थर-थर कांपता कुत्ता फंसा था, मानों अपनी आखिरी सांसें गिन रहा हो, फिर जो हुआ...वो किसी फिल्म के क्लाइमेक्स से कम नहीं था. राफ्टिंग करने आए एक जांबाज ने अपनी जान दांव पर लगाकर इस 'दोस्त' को कैसे नई जिंदगी दी, देखिए दिल जीत लेने वाला यह वीडियो.
गंगा की लहरें जब उफान पर हों, तो इंसान के भी पैर कांपने लगते हैं. ऋषिकेश की वादियों में कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिला, जहां एक कुत्ता पानी के बढ़ते जलस्तर की वजह से बीच नदी में एक छोटे से पत्थर पर फंस गया था. चारों तरफ शोर मचाती लहरें और बीच में लाचार बैठा वह मासूम, बस मौत का इंतजार कर रहा था. सोशल मीडिया पर 'Save a Stray Noida' द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो ने हर किसी की धड़कनें तेज कर दी हैं.
देवदूत बनकर आए राफ्टर्स (Rafters to the Rescue)
तभी वहां से एक राफ्टिंग बोट गुजरी. लहरों का मिजाज बिगड़ा हुआ था, पर इन युवाओं का इरादा उससे भी ज्यादा मजबूत निकला. एक लड़के ने बड़ी सावधानी से पत्थर पर कदम रखा. उसने पहले उस डरे हुए कुत्ते को प्यार से सहलाया, ताकि वह घबराकर पानी में न कूद जाए. यकीन मानिए, उस वक्त उस बेजुबान की आंखों में जो डर था, वह अब राहत में बदल चुका था.
बड़े ही सलीके से उस कुत्ते को गोद में उठाकर राफ्ट पर लाया गया. वहां मौजूद बाकी लोगों ने उसे ऐसे गले लगाया जैसे वह उनका अपना खोया हुआ साथी हो. यह नजारा सिर्फ एक रेस्क्यू नहीं था, बल्कि इंसानियत की जीती-जागती मिसाल थी. आज के दौर में जहां लोग अपनों की परवाह नहीं करते, वहां एक अनजान बेजुबान के लिए दिखाई गई यह हिम्मत वाकई काबिले-तारीफ है.
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इंसानियत अभी जिंदा है (A Brave Act of Humanity)
इंटरनेट पर यह वीडियो अब आग की तरह फैल रहा है. लोग कह रहे हैं कि असली हीरो वही है जो दूसरों के दर्द को अपना समझे. यह खबर बताती है कि प्रकृति के कहर के बीच अगर हम एक-दूसरे का हाथ थाम लें, तो हर जंग जीती जा सकती है. उस राफ्ट ऑपरेटर के जज्बे को पूरी दुनिया सलाम कर रही है.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)














