बिना धमाका सितारे का हुआ ये अजीब अंजाम, जानें आखिर कैसे खामोशी से बन गया ब्लैक होल

कभी कभी कायनात अपने राज शोर से नहीं, खामोशी से खोलती है. एक सितारा था, जो धीरे धीरे चमका, फिर अचानक धुंध में गुम हो गया. न धमाका, न रोशनी का तूफान. बस एक सन्नाटा और इसी सन्नाटे ने साइंस की दुनिया में हलचल मचा दी.

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बिना धमाका ऐसे बुझा सितारा...जैसे किसी ने स्विच ऑफ कर दिया, खामोशी में पैदा हुआ ब्लैक होल

How Does Black Hole Form: आसमान में कभी-कभी ऐसा भी होता है कि कोई सितारा बिना शोर, बिना धमाके के बस यूं ही गुम हो जाता है...जैसे किसी ने उसकी रोशनी पर पर्दा डाल दिया हो. न कोई सुपरनोवा का धमाका, न चमक का तूफान. बस हल्की सी इंफ्रारेड चमक और फिर खामोशी. साइंस की दुनिया में इस खामोशी ने हलचल मचा दी है.कायनात का ये वाकया किसी सस्पेंस फिल्म से कम नहीं. एक विशाल सितारा पहले हल्का सा जगमगाया, फिर धुंध में खो गया. लोग सुपरनोवा का इंतजार करते रह गए...मगर हुआ कुछ और...और जो हुआ, उसने ब्लैक होल बनने की कहानी ही बदल दी.

खामोश चमक जिसने चौंकाया (what is black hole)

सोचिए, 25 लाख प्रकाश वर्ष दूर एक सितारा अपनी आखिरी सांसें ले रहा था. मगर उसने मरते वक्त कोई धमाका नहीं किया. बस चुपचाप ढह गया और बन गया ब्लैक होल. यही खामोश मंजर आज खगोल विज्ञान की सबसे हैरतअंगेज खबर बन चुका है. साल 2014 में NASA के स्पेस टेलीस्कोप ने Andromeda galaxy में एक विशाल तारे को इंफ्रारेड रोशनी में धीरे-धीरे चमकते हुए नोटिस किया. यह तारा M31-2014-DS1 नाम से जाना गया. करीब तीन साल तक इसकी चमक बढ़ती रही, फिर अचानक वह नजरों से ओझल हो गया. पीछे बस धूल का एक बादल रह गया. वैज्ञानिकों को पहले लगा कि यह सुपरनोवा विस्फोट होगा, क्योंकि आमतौर पर 13 गुना सूरज जितने भारी तारे मरते समय धमाके से फटते हैं, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं हुआ.

बिना सुपरनोवा बना ब्लैक होल (Direct Collapse into Black Hole)

Columbia University के खगोलशास्त्री किशालय डे की टीम ने पुराने NASA NEOWISE mission के डेटा को खंगाला. उन्हें एहसास हुआ कि यह तारा सीधे Direct Collapse से ब्लैक होल में बदल गया, यानी उसका कोर अंदर की तरफ धंस गया, बाहर कोई धमाका नहीं हुआ. Harvard के वैज्ञानिक मॉर्गन मैकलियोड ने कहा कि ब्लैक होल सितारों से बनते हैं, यह तो पता था, लेकिन इस तरह खामोशी से बनते देखना हैरतअंगेज है.

क्यों अहम है ये खोज (Why This Discovery Matters)

यह खोज इसलिए खास है क्योंकि अब तक माना जाता था कि बड़े तारे सुपरनोवा के बाद ही ब्लैक होल बनते हैं. अगर Direct Collapse ज्यादा आम है, तो ब्रह्मांड में ब्लैक होल formation को समझने का नजरिया बदल सकता है. यह खबर Science जर्नल में प्रकाशित हुई है और खगोल विज्ञान की दुनिया में नई बहस छेड़ रही है. कभी-कभी सितारों की मौत भी एक अफसाना बन जाती है. यह खामोश अंत हमें याद दिलाता है कि ब्रह्मांड के राज अभी पूरी तरह खुलने बाकी हैं.

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Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.

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