ऑफिस में बीमार पड़ना किसी के बस की बात नहीं होती, लेकिन क्या बीमार होने पर भी छुट्टी लेना इतना मुश्किल हो सकता है? हाल ही में एक कर्मचारी का अनुभव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर वायरल हो गया, जहां उसके मैनेजर के व्यवहार ने लोगों को हैरान कर दिया.
क्या है पूरा मामला?
कर्मचारी ने बताया कि उसे बुखार और पेट से जुड़ी समस्या थी. उसने अपनी शिफ्ट से करीब एक घंटे पहले अपने मैनेजर को कॉल कर बताया कि वह बीमार है और आज छुट्टी लेगा. लेकिन, मैनेजर का जवाब चौंकाने वाला था. उसने कहा, आप मुझे इन्फॉर्म कर रहे हैं या परमिशन मांग रहे हैं? कर्मचारी ने बात को बढ़ाने से बचने के लिए अपने शब्द बदल दिए और छुट्टी मांगी, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ.
मैनेजर की शर्तें और बढ़ा विवाद
पोस्ट के अनुसार, मैनेजर ने कहा कि सिक लीव तभी मिलेगी जब कर्मचारी तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे और उसका प्रमाण दे. कर्मचारी का कहना था कि कंपनी की पॉलिसी में ऐसा कोई नियम नहीं है. इसके बावजूद उसे कहा गया कि वह Sick Leave की बजाय Earned Leave या Comp-Off का इस्तेमाल करे. स्थिति तब और अजीब हो गई जब कर्मचारी डॉक्टर के पास गया और दो दिन आराम की सलाह वाली मेडिकल सर्टिफिकेट लेकर आया. उसने HR पोर्टल पर Sick Leave के लिए आवेदन भी कर दिया. लेकिन, इसके बाद भी मैनेजर ने उसे कॉल और ईमेल करके पूछा कि उसने किसकी अनुमति से छुट्टी के लिए आवेदन किया.
प्रिस्क्रिप्शन दिखाने की मांग पर सवाल
कर्मचारी ने यह भी दावा किया कि उससे उसकी डॉक्टर की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) मैनेजर और टीम लीड को दिखाने के लिए कहा गया. इस बात ने उसे और असहज कर दिया, क्योंकि यह उसकी निजी मेडिकल जानकारी थी.
सोशल मीडिया पर लोगों की राय
यह पोस्ट वायरल होते ही कई लोगों ने अपनी राय दी. कुछ यूजर्स ने कहा कि Sick Leave के लिए परमिशन नहीं बल्कि इन्फॉर्म करना सही होता है. वहीं, कुछ ने सलाह दी कि कंपनी की पॉलिसी चेक करें और जरूरत पड़े तो HR या एथिक्स टीम से संपर्क करें. कई लोगों ने इसे मैनेजर का ओवररिएक्शन और अनुचित व्यवहार बताया.
क्या कहती है सामान्य ऑफिस पॉलिसी?
आमतौर पर ज्यादातर कंपनियों में 1–2 दिन की Sick Leave के लिए केवल सूचना देना काफी होता है. 3 दिन या उससे ज्यादा की छुट्टी पर मेडिकल सर्टिफिकेट मांगा जा सकता है. कर्मचारी की निजी मेडिकल जानकारी को शेयर करना अनिवार्य नहीं होता. हालांकि, हर कंपनी की पॉलिसी अलग हो सकती है, इसलिए कर्मचारियों को अपने ऑफर लेटर और HR नियमों को अच्छे से समझना जरूरी है.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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