अमेरिका की लग्जरी लाइफ छोड़ पंजाब क्यों लौट आया ये युवक? वजह जानकर आप भी सोच में पड़ जाएंगे

UCLA में पढ़ने वाले एक भारतीय युवक ने अमेरिका छोड़कर पंजाब लौटने का फैसला किया. कम्युनिटी, अपनापन और आसान जिंदगी की वजह से लिया गया यह फैसला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.

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अमेरिका की लग्जरी लाइफ छोड़ भारत आया युवक

बेहतर करियर और कमाई की तलाश में हर साल हजारों भारतीय विदेश जाते हैं. लेकिन कई बार ऊंची सैलरी और सुविधाओं के बावजूद लोग अपने देश और अपनों की कमी महसूस करते हैं. हाल ही में एक भारतीय युवक ने अमेरिका का सपना छोड़कर पंजाब लौटने का फैसला किया, जिसकी कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है.

आसान जिंदगी बनी सबसे बड़ी वजह

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजेलिस (UCLA) में पढ़ाई कर चुके संजुम सिंह ढालीवाल ने एक इंस्टाग्राम रील में बताया कि उन्होंने अमेरिका छोड़कर पंजाब क्यों लौटने का फैसला किया. उन्होंने कहा, एक शब्द- कम्युनिटी और आसान जिंदगी. संजुम के मुताबिक, पंजाब में मिलने वाला अपनापन, मेहमाननवाज़ी और आरामदायक जीवन किसी भी आर्थिक अंतर से ज्यादा महत्वपूर्ण है.

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कार रिपेयर के अनुभव से समझ आया फर्क

उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया, कि अमेरिका में उनकी कार को सरकारी कचरा वाहन ने नुकसान पहुंचा दिया था. इसके बाद उन्हें अधिकारियों और इंश्योरेंस से मदद पाने में काफी परेशानी हुई. मैकेनिक ने मरम्मत के लिए हजारों डॉलर का खर्च बताया, जिसके बाद उन्हें दोस्तों की मदद से खुद ही कार ठीक करनी पड़ी. वहीं, भारत में जब उनकी कार का क्लच खराब हुआ, तो एक मैकेनिक ने घर आकर सिर्फ 6 घंटे में काम पूरा कर दिया और इसके लिए 9,600 रुपये लिए. उन्होंने कहा, यहां लोग पहले आपकी समस्या हल करने की सोचते हैं, पैसे की बात बाद में करते हैं. इससे मुझे बिल्कुल तनाव नहीं हुआ.

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

संजुम ने वीडियो में मजाकिया अंदाज में कहा, कि अमृतसर के कुलचे भी उनके भारत लौटने की एक खास वजह हैं. उनके मुताबिक, पैसे से ज्यादा महत्वपूर्ण वह माहौल है, जहां इंसान को अपनापन और सुकून मिले. यह वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं. कुछ यूजर्स ने कम्युनिटी और परिवार के महत्व को सही बताया, तो कुछ ने कहा, कि भारत में सस्ती लेबर की वजह से सेवाएं आसान और सस्ती मिल जाती हैं. एक यूजर ने लिखा, कि भारत में मजदूरी कम आंकी जाती है, जबकि दूसरे ने कहा कि अमेरिका में लेबर महंगी है क्योंकि वहां कामगारों की कीमत समझी जाती है. वहीं कुछ लोगों ने माना कि घर जैसा सुकून कहीं और नहीं मिल सकता.

(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)

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