दुबई को अक्सर ऊंची सैलरी, लग्जरी लाइफ और बेहतरीन करियर वाले शहर के रूप में देखा जाता है. सोशल मीडिया पर यहां की चमक-दमक, महंगे अपार्टमेंट और शानदार लाइफस्टाइल की तस्वीरें लोगों को अपनी ओर खींचती हैं. लेकिन, दुबई में रह रहे एक भारतीय एक्सपैट ने वहां की जिंदगी का एक बैलेंस और रियल साइड शेयर किया है.
नौकरी और खर्च का दबाव
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में एक्सपैट ने बताया, कि उनका मकसद दुबई की आलोचना करना नहीं, बल्कि वहां जाने की योजना बना रहे लोगों को रिएलिटी बताना है. उन्होंने कहा, कि शुरुआत में वह भी सोशल मीडिया पर दिखने वाली लाइफस्टाइल से प्रभावित होकर यहां पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि नौकरी ढूंढना आसान नहीं होता. कई बार दर्जनों आवेदन भेजने के बाद भी जवाब नहीं मिलता. इसके अलावा, दुबई में रहने का खर्च काफी ज्यादा है. उनका कहना है कि कई मामलों में किराया ही सैलरी का बड़ा हिस्सा खा जाता है. साथ ही, जुर्माने और बाकी खर्चों की वजह से सेविंग करना मुश्किल हो जाता है.
देखें Video:
मानसिक दबाव भी बड़ी चुनौती
आर्थिक चुनौतियों के अलावा, उन्होंने भावनात्मक दबाव की भी बात कही. दूसरों को खुलकर खर्च करते देखना और खुद बजट में रहने की मजबूरी कई बार निराश कर सकती है. लंबे काम के घंटे भी थकान और असंतोष का कारण बनते हैं, जिससे कई बार लगता है कि मेहनत के बावजूद ग्रोथ नहीं हो रही है.
दुबई में कई सकारात्मक पहलू भी हैं
इन सबके बावजूद, उन्होंने माना कि दुबई में कई सकारात्मक पहलू भी हैं. शहर की सुरक्षा, विभिन्न देशों के लोगों से मिलने का अवसर और बेहतर करियर एक्सपोजर इसे खास बनाते हैं. उन्होंने कहा कि कभी-कभी खुद को छोटी-छोटी खुशियां देना इस सफर को आसान बना देता है. उनका मानना है कि दुबई में विकास और अवसर जरूर मिलते हैं, लेकिन इसके लिए कीमत भी चुकानी पड़ती है. इसलिए वहां जाने से पहले पूरी जानकारी और सही योजना होना जरूरी है.
यह भी पढ़ें: 8 करोड़ रुपये में खरीदा इटली में 250 साल पुराना घर! इस कीमत के बदले उसे जो मिला, जानकर रह जाएंगे हैरान
145 साल में पहली बार! दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे को मिली पहली महिला TTE














