नौकरी गई तो IITian ने शुरू किया चाय का ठेला, अब अमेरिका में 780 रुपये की चाय बेच रहा ‘बिहारी चायवाला’

बिहार के बरह में गरीबी में पले प्रभाकर प्रसाद आज अमेरिका के लॉस एंजिलिस में 780 रुपये की चाय बेचकर चर्चा में हैं. जानिए IITian से ‘बिहारी चायवाला’ बनने तक उनकी प्रेरणादायक कहानी.

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लॉस एंजिलिस में 780 रुपये की चाय! जानिए ‘बिहारी चायवाला’ की संघर्ष से सफलता तक की कहानी

IITian chai business in US: बिहार के एक छोटे से कस्बे से निकलकर अमेरिका तक का सफर तय करने वाले प्रभाकर प्रसाद इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में हैं. लोग उन्हें 'बिहारी चायवाला' के नाम से जानते हैं. उनकी कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने जिंदगी की कई मुश्किलों का सामना करने के बाद अमेरिका में चाय बेचकर अपनी अलग पहचान बना ली. जनवरी में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें प्रभाकर प्रसाद लॉस एंजिलिस में करीब 8 डॉलर यानी लगभग 780 रुपये में चाय बेचते दिखाई दिए थे. इसके बाद उनकी कहानी इंटरनेट पर तेजी से फैल गई.

बचपन में गरीबी और संघर्ष

प्रभाकर प्रसाद का जन्म बिहार के बरह (Barh) नाम के छोटे कस्बे में हुआ, जो गंगा नदी के पास स्थित है. उन्होंने बताया कि बचपन में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी. उन्होंने कहा कि सर्दियों में उनके घर में कंबल खरीदने तक के पैसे नहीं होते थे, इसलिए वे और उनका परिवार गर्म रहने के लिए दाल की बोरियों के नीचे सोते थे. उनके पिता ने कई छोटे-मोटे कारोबार शुरू किए, लेकिन कोई भी सफल नहीं हो पाया. इसके बावजूद उनके माता-पिता ने बच्चों की पढ़ाई पर हमेशा जोर दिया.

परिवार को छोड़ना पड़ा बिहार

प्रभाकर की जिंदगी में बड़ा मोड़ तब आया जब उनके भाई को लगभग अगवा करने की कोशिश हुई. इस घटना के बाद उनका परिवार रातों-रात बिहार छोड़कर भोपाल चला गया. नए शहर में जिंदगी आसान नहीं थी. बिहार बोर्ड के स्कूल से पढ़ाई करने वाले प्रभाकर को अंग्रेजी माध्यम के सीबीएसई स्कूल में काफी दिक्कतें आईं. उन्होंने बताया कि उन्हें अंग्रेजी के कई साधारण शब्द भी समझ नहीं आते थे और बच्चे उनके उच्चारण का मजाक उड़ाते थे. लेकिन, उन्होंने हार नहीं मानी और मेहनत करते रहे. आखिरकार उन्होंने आईआईटी की स्क्रीनिंग परीक्षा पास कर ली.

देखें Video:

कॉरपोरेट नौकरी से मॉडलिंग तक का सफर

आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रभाकर को 2008 में पहली नौकरी मिल गई. लेकिन, उन्हें कॉरपोरेट जिंदगी ज्यादा पसंद नहीं आई. उन्होंने बताया कि उन्हें कोडिंग से ज्यादा जिम और बॉडीबिल्डिंग में रुचि थी. इसी कारण वे बाद में मुंबई चले गए और मॉडलिंग में भी किस्मत आजमाने लगे. हालांकि, वहां भी संघर्ष कम नहीं था, छोटे फ्लैट, लंबी ऑडिशन लाइनें और अनिश्चित काम.

अमेरिका जाने का फैसला

कुछ साल बाद उन्होंने अमेरिका जाने का फैसला किया, क्योंकि उनकी गर्लफ्रेंड वहां रहती थीं और दोनों लंबे समय से लंबी दूरी के रिश्ते में थे. उनका वीजा दो बार खारिज हो गया, लेकिन तीसरी कोशिश में वे 2014 में टेक्सास पहुंचे और वहां एमबीए किया. इसके बाद कई साल तक उन्होंने अलग-अलग शहरों में कॉरपोरेट नौकरियां कीं, लेकिन जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव भी आए, नौकरी से निकाला जाना, ब्रेकअप और स्वास्थ्य समस्याएं.

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नौकरी छूटने के बाद शुरू किया चाय का कारोबार

फरवरी 2025 में टेक इंडस्ट्री में छंटनी के दौरान उनकी नौकरी चली गई. उसी समय उन्होंने सोचा कि जिंदगी में ऐसी कौन-सी चीज है जो हमेशा उनके साथ रही है. उन्होंने कहा कि चाय हमेशा उन्हें घर की याद दिलाती थी. इसी विचार से उन्होंने लॉस एंजिलिस में भारतीय स्टाइल की चाय बेचने का छोटा सा कारोबार शुरू किया. आज वे वहीं चाय बेच रहे हैं और सोशल मीडिया पर उनकी कहानी लोगों को खूब प्रेरित कर रही है. प्रभाकर कहते हैं, दाल की बोरियों के नीचे सोने से लेकर अमेरिका में चाय बेचने तक का सफर आसान नहीं था. मैं सीईओ नहीं बना, लेकिन ‘चाय गाइ' (Chai Guy) बनकर मुझे सुकून मिल गया.

(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)

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