Free Biryani for LPG cylinder: सरहदों पर बारूद की गंध है और इधर होसुर के एक बावर्चीखाने में मोहब्बत की बिरयानी पक रही है. जब गैस की किल्लत ने चूल्हे ठंडे करने चाहे, तो ग्राहकों ने सिलेंडर थमाकर दोस्ती का वो हक अदा किया कि...दुनिया देखती रह गई. जनाब, यहां सौदा बड़ा अजीब है...आप अपनी रसोई का 'ईंधन' लाइए और बदले में महीने भर लजीज मटन-चिकन बिरयानी का लुत्फ उठाइए, क्योंकि आखिर मुश्किल वक्त में अपनों का साथ ही सबसे बड़ी 'एनर्जी' होती है.
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क्या आपने कभी सोचा है कि एक खाली गैस सिलेंडर आपको महीने भर के लिए 'बिरयानी का सुल्तान' बना सकता है? जी हां, ईरोड अम्मायी मेस (Erode Ammayi Mess offer) ने दोस्ती और भूख का एक ऐसा अनोखा मेल बिठाया है, जिसे सुनकर हर कोई कह रहा है 'भाई, ये हुई ना बात.' आजकल चारों तरफ तनाव का माहौल है. अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे विवाद की वजह से एलपीजी (LPG) गैस की सप्लाई में भारी कमी आ गई है. बड़े-बड़े होटल बंद हो रहे हैं और ढाबों के चूल्हे ठंडे पड़ रहे हैं. इसी बीच होसुर के मशहूर 'ईरोड अम्मायी मेस' ने सोशल मीडिया पर एक ऐसी पोस्ट डाली, जिसने सबका ध्यान खींच लिया. उन्होंने साफ लफ्जों में कहा 'हमें खाना बनाने में मदद करो, हम आपको खाना खिलाएंगे.'
सिलेंडर के बदले बिरयानी का लजीज ऑफर (LPG Cylinder for Monthly Free Biryani Reward)
इस रेस्टोरेंट का ऑफर बड़ा सीधा और मजेदार है. अगर कोई ग्राहक अपने घर से एक कमर्शियल गैस सिलेंडर लाकर रेस्टोरेंट को देता है, तो उसे पूरे महीने मुफ्त में मटन या चिकन बिरयानी खिलाई जाएगी. मजे की बात ये है कि रेस्टोरेंट बदले में ग्राहक को उसी कंपनी का खाली सिलेंडर भी वापस देता है. रेस्टोरेंट के मैनेजर अशोक बताते हैं कि, जब गैस की किल्लत की वजह से दुकान बंद होने की नौबत आई, तो उनके पुराने ग्राहकों ने ही यह तरकीब सुझाई थी.
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बिरयानी से बढ़कर है लोगों की दरियादिली (Humanity Prevails Over Free Biryani Offer)
हैरानी की बात ये है कि पिछले 15 दिनों में छह लोग अपना सिलेंडर लेकर आए, लेकिन उन्होंने महीने भर फ्री बिरयानी खाने से मना कर दिया. किसी ने एक दिन खाना खाया तो किसी ने दो दिन, उसके बाद सबने अपनी मर्जी से हाथ खींच लिए. यह साफ दिखाता है कि लोग सिर्फ बिरयानी के लालच में नहीं, बल्कि इस मुश्किल वक्त में एक-दूसरे की मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं. इस रेस्टोरेंट की 'सीरगा सांबा बिरयानी' तो मशहूर है ही, लेकिन अब उनकी इंसानियत के किस्से भी मशहूर हो रहे हैं.
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क्यों खास है यह अनोखा कदम? (Creative business ideas)
यह खबर हमें सिखाती है कि जब दुनिया में संकट आता है, तो सरकार या बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि आम इंसान ही एक-दूसरे का सहारा बनते हैं. होसुर के इस छोटे से रेस्टोरेंट ने साबित कर दिया कि अगर नीयत साफ हो, तो कोई भी चूल्हा ठंडा नहीं रह सकता. यह सिर्फ एक बिजनेस डील नहीं, बल्कि भरोसे और मोहब्बत की वो मिसाल है जो हमें मुश्किलों से लड़ना सिखाती है.
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(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)














