Daily wage labourer son daughter success: कहते हैं कि पसीने की स्याही से लिखे पन्ने कभी कोरे नहीं रहते...एक दिहाड़ी मजदूर ने जब अपने बच्चों के 'फर्स्ट डिवीजन' आने की खबर सुनी, तो उसकी खुशी के आगे दुनिया की तमाम दौलत फीकी पड़ गई. देखिए, तुलसी मांझी के अटूट हौसले की ये इमोशनल कर देने वाली कहानी.
बच्चों की सफलता ने मजदूर बाप को बनाया 'सुपरस्टार' (Tulsi Manjhi viral video)
पसीने से तर-बतर शरीर, दिनभर ईंट-गारा ढोने वाले हाथ और कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी, ये कहानी है तुलसी मांझी की. तुलसी पेशे से एक दिहाड़ी मजदूर हैं, लेकिन आज उनकी चर्चा किसी बड़े रईस से कम नहीं हो रही है. वजह बेहद खास है...उनके बेटे सोनू और बेटी मुस्कान ने इम्तिहान में 'फर्स्ट डिवीजन' हासिल कर बाप का सिर फखर (Pride) से ऊंचा कर दिया है. सोशल मीडिया पर इस मजदूर पिता की मुस्कान ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया है.
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पूजा पर मिला खुशियों का 'महाप्रसाद' (Academic Success of Son and Daughter on Puja)
तुलसी मांझी इंस्टाग्राम पर छोटे-छोटे व्लॉग्स (Vlogs) के जरिए अपनी रोजमर्रा की जिंदगी साझा करते हैं. हाल ही में उन्होंने एक वीडियो डाला, जिसमें वो खुशी से फूले नहीं समा रहे थे. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी मुस्कान कुमारी और बेटे सोनू कुमार ने न सिर्फ परीक्षा पास की, बल्कि अव्वल दर्जे (First Division) से कामयाबी हासिल की. सोने पर सुहागा ये कि ये खुशखबरी छठ पूजा के शुभ मौके पर आई. तुलसी ने ऐलान किया कि वो इस जीत का जश्न सिर्फ घर तक नहीं रखेंगे, बल्कि पूरे गांव में मिठाई बांटकर अपनी खुशियां मनाएंगे.
मेहनत की नींव और सपनों की बुलंद इमारत (Inspiring story of a father)
तुलसी की ये जीत रातों-रात नहीं आई है. सालों की कड़ी मशक्कत, कंस्ट्रक्शन साइट्स पर तपती धूप में काम करना और पाई-पाई जोड़कर बच्चों की फीस भरना...इस सफलता के पीछे एक पिता का अटूट विश्वास छिपा है. इंटरनेट पर लोग इस वीडियो को देख इमोशनल हो रहे हैं. करीब 4.5 लाख से ज्यादा लोग इस वीडियो को देख चुके हैं. यूजर्स का कहना है कि शिक्षा ही वो सीढ़ी है, जो एक मजदूर के घर को सम्मान और नई पहचान दिला सकती है.
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दुआओं का सैलाब और कामयाबी की नई मिसाल (Social Media Reactions and True Value of Education)
कमेंट सेक्शन में लोग तुलसी को 'असली हीरो' बता रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, 'किताबें सिर्फ रईसों की जागीर नहीं होतीं, मेहनत करने वालों की भी मुरीद होती हैं.' यह वीडियो हमें सिखाता है कि हालात चाहे कितने भी तंग क्यों न हों, अगर बच्चों के हौसले बुलंद हों और माता-पिता का साया मजबूत हो, तो हर मंजिल आसान हो जाती है. तुलसी मांझी की ये कहानी महज एक रिजल्ट की खबर नहीं, बल्कि उन करोड़ों मां-बाप के लिए एक उम्मीद है, जो गरीबी से लड़कर अपने बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं. वाकई, कामयाबी का स्वाद तब और बढ़ जाता है जब वह कड़ी मेहनत के पसीने से सींची गई हो.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)














