घर में बनी 'देसी टेस्ला', एक बार फुल चार्ज करने पर चले 100 KM, कीमत जानकर चौंक जाएंगे

न बड़ी फैक्ट्री, न भारी-भरकम मशीनें...बस हुनर, मेहनत और कुछ नया करने का जुनून. बिहार के पूर्णिया में एक मैकेनिक ने ऐसी इलेक्ट्रिक जीप बना दी, जो गांव की जरूरत भी समझती है और जेब पर भी भारी नहीं पड़ती.

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गांव से निकली 'देसी टेस्ला': एक चार्ज, 100 KM और कीमत बेहद कम

Home Made Desi Tesla In Bihar : बिहार के पूर्णिया जिले में रहने वाले मुरशिद आलम (Murshid Alam) कोई बड़े इंजीनियर या स्टार्टअप फाउंडर नहीं हैं. वह एक साधारण मैकेनिक (electric jeep built by mechanic) हैं, जो अपने छोटे से वर्कशॉप में गाड़ियों की मरम्मत किया करते थे. तालीम पूरी करने के बाद उन्होंने कई गैराज में काम किया, फिर अपने शहर लौटकर खुद की दुकान खोली. मेहनत रंग लाई और काम चल पड़ा.

गांव की मुश्किल ने दिया नए आइडिया को जन्म (Bihar mechanic electric jeep)

काम करते हुए मुरशिद ने एक बात बार-बार महसूस की...किसानों और छोटे व्यापारियों के पास ऐसा कोई सस्ता वाहन (low cost electric vehicle India) नहीं है, जो रोजमर्रा के सफर के साथ-साथ खेती के काम भी आ सके. डीजल-पेट्रोल महंगा, मेंटेनेंस मुश्किल और इलेक्ट्रिक वाहन गांवों के लिए बहुत महंगे. यहीं से उनके जेहन में एक ख्याल आया...क्यों न गांव के हिसाब से एक देसी इलेक्ट्रिक जीप बनाई जाए?

18 दिन में तैयार हुई देसी इलेक्ट्रिक जीप (Electric jeep built in just 18 days)

मुरशिद आलम ने अकेले दम पर महज 18 दिनों में एक पांच-सीटर इलेक्ट्रिक जीप (Bihar electric jeep) तैयार कर डाली. इस जीप में अलग से ट्रॉली जोड़ने की सुविधा है, जिससे किसान फसल, खाद और सामान ढो सकते हैं. एक बार फुल चार्ज होने पर यह करीब 100 किलोमीटर तक चल सकती है और चार्ज होने में लगभग 5 घंटे लगते हैं.

कम कीमत, जरूरी फीचर्स और बड़ी सोच (desi EV for farmers)

करीब 1 लाख रुपये की लागत (1 lakh electric jeep India) में बनी इस जीप में चार पहिए, ट्यूबलेस टायर, स्पीडोमीटर, चार्जिंग पॉइंट और पावर स्टीयरिंग जैसे जरूरी फीचर्स मौजूद हैं. यही नहीं, इसे चलाना भी आसान है कम तजुर्बे वाले ड्राइवर के लिए भी.

पूर्णिया मैकेनिक की खोज (Desi electric jeep for farmers)

जब देश खेती में इलेक्ट्रिक बदलाव की बात कर रहा है, तब यह देसी जुगाड़ दिखाता है कि इनोवेशन सिर्फ लैब में नहीं, बल्कि गांव के गैराज (Rural electric vehicle) में भी पैदा होता है. मुरशिद की कहानी उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों में भी बड़ा सोचने का हौसला रखते हैं. यह सिर्फ एक इलेक्ट्रिक जीप नहीं, बल्कि जज्बे जुगाड़ और जमीन से जुड़ी सोच की मिसाल है.

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