ऑफिस में कम काम करने की ट्रिक! कर्मचारी का ‘बीमार और बेवकूफ बनने’ का फार्मूला हुआ वायरल

कोलकाता के एक कर्मचारी ने दावा किया कि वह ऑफिस में खुद को बीमार और कमजोर दिखाकर कम काम करवाता है. यह ट्रिक सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.

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ऑफिस में कम काम करने की ट्रिक!

ऑफिस में ज़्यादा काम और कम तारीफ से परेशान कर्मचारियों के बीच कोलकाता के एक युवक का दावा सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त बहस छेड़ रहा है. खुद को Big 4 कंपनी में काम करने वाला बताने वाले इस कर्मचारी ने दावा किया कि वह जानबूझकर खुद को 'बीमार और कमज़ोर' दिखाता है, ताकि उस पर कम काम का दबाव डाला जाए.

क्या है कर्मचारी का दावा?

एक्स पर किए गए एक पोस्ट में कोलकाता के इस कर्मचारी ने लिखा कि उसने ऑफिस में एक 'ट्रिक' खोज ली है. उसका कहना है कि वह जानबूझकर ऐसे कपड़े पहनता है जिससे वह बीमार लगे और बातचीत के दौरान खुद को कमजोर और परेशान दिखाता है. कर्मचारी के मुताबिक, वह सहकर्मियों से बात करते समय परिवार की जिम्मेदारियों, लोन की EMI और निजी परेशानियों जैसे विषय छेड़ता है, ऐसे मुद्दे जिन पर लोग आमतौर पर बात करने से बचते हैं.

लोगों को मुझ पर दया आने लगती है...

कर्मचारी ने लिखा, कि इस रणनीति का असर यह हुआ कि लोग उस पर दया करने लगे और उसे दूसरों की तुलना में कम काम सौंपने लगे. उसने यह भी कहा कि उससे अपेक्षाएं कम रखी जाती हैं, लेकिन जो भी काम उसे दिया जाता है, वह समय पर पूरा करता है. उसके शब्दों में, लोग सोचते हैं कि ये इंसान इतनी खराब हालत में होने के बावजूद कितना जिम्मेदार है.

फायदे तो दिखे, लेकिन नुकसान?

पोस्ट के अंत में कर्मचारी ने सवाल किया कि क्या इस तरह की रणनीति के लंबे समय में कोई नुकसान हो सकते हैं. बस यहीं से सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई. कुछ यूज़र्स ने इस तरकीब को 'स्मार्ट मूव' बताया, तो कई लोगों ने इसे करियर के लिए खतरनाक करार दिया.

एक यूज़र ने लिखा, कि जब किसी समाज में औसत दर्जे के काम को गर्व की तरह देखा जाने लगे, तब पतन तय है. वहीं दूसरे ने मज़ाक में कहा, कि वह मेहनत से बचते हुए भी सैलरी ले रहा है. कुछ लोगों ने यह भी कहा, कि इस सोच से प्रमोशन और भरोसा दोनों खत्म हो जाते हैं.

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कर्मचारी ने दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद कर्मचारी ने एक नया पोस्ट साझा किया और सफाई दी. उसने कहा, कि उसने कभी अपने परिवार या स्वास्थ्य को लेकर झूठ नहीं बोला, बल्कि अपनी जिंदगी के नकारात्मक पहलुओं को ज़्यादा उजागर किया. उसने बताया कि उसे अस्थमा है और उस पर परिवार का लोन भी है. कर्मचारी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने यह तरीका सिर्फ दो महीने तक अपनाया था और अब वह ऐसा नहीं करता. उसका कहना है कि Big 4 जैसी कंपनियों में अगर कोई लंबे समय तक काम न करे, तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है.

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