'चोरी' के अनाज के लिए आपस में क्यों लड़ रहे यूक्रेन और इजरायल?

इजरायल ने कहा कि यूक्रेन ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है. इजरायल ने तो यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के लिए यहां तक कह दिया कि वे “ट्विटर डिप्लोमेसी” कर रहे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेंस्की की फाइल फोटो
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • यूक्रेन का आरोप- रूस उसके कब्जे वाले इलाकों से चोरी किया गया अनाज इजरायल को गैर-कानूनी रूप से बेच रहा है
  • यूक्रेन ने इजरायल पर आरोप लगाया कि वह चोरी के अनाज के जहाजों को अपने बंदरगाह पर उतारने की तैयारी कर रहा
  • इजरायल ने यूक्रेन के आरोपों को बिना सबूत बताया और कहा कि संबंधित जहाज हाइफा बंदरगाह पर नहीं पहुंचा है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

अमेरिका के दो बड़े साथी देश, यूक्रेन और इजरायल अब आमने-सामने आ गए हैं. वजह है “चोरी का अनाज”! यूक्रेन का आरोप है कि रूस उसके कब्जे वाले इलाकों से अनाज चुराकर भेज रहा है, और इजरायल उसे खरीद रहा है. इस आरोप ने दोनों देशों के रिश्तों में तनाव पैदा कर दिया है. अब बयानबाजी तेज हो गई है और मामला सीधे सरकारों के स्तर तक पहुंच गया है. यूक्रेन दुनिया के सबसे बड़े अनाज उत्पादकों में से एक है और वह बार-बार रूस पर आरोप लगाता रहा है कि 2022 में हमले के बाद से रूस उसके कब्जे वाले इलाकों से अनाज गैर-कानूनी तरीके से बाहर भेज रहा है.

यूक्रेन का आरोप

अब यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ऐसा ही एक जहाज इजरायल के एक बंदरगाह पर पहुंच चुका है और अनाज उतारने की तैयारी कर रहा है. यह वैध (कानूनी) व्यापार नहीं है और हो भी नहीं सकता.” उन्होंने इजरायल की आलोचना करते हुए कहा, “इजरायल के अधिकारी यह नहीं कह सकते कि उन्हें पता नहीं है कि उनके बंदरगाहों पर कौन से जहाज आ रहे हैं और वे क्या सामान ला रहे हैं.”

जेलेंस्की ने कहा, “यूक्रेन हर देश के साथ साझेदारी और आपसी सम्मान चाहता है. हम खासकर मिडिल ईस्ट में सुरक्षा बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि इजरायल यूक्रेन का सम्मान करेगा और ऐसे कदम नहीं उठाएगा, जिससे हमारे रिश्ते खराब हों.” यूक्रेन ने मंगलवार को इजरायल के राजदूत को भी बुलाकर इन कथित जहाजों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया.

इजरायल का जवाब

इजरायल ने कहा कि यूक्रेन ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है. उसने यह भी कहा कि जिस जहाज की बात हो रही है, वह हाइफा बंदरगाह पर पहुंचा ही नहीं है. इजरायल के विदेश मंत्री गिडिओन सार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यूक्रेन सरकार ने कोई कानूनी मदद की मांग नहीं की है और न ही अपने दावों के लिए कोई सबूत दिया है. जहाज अभी बंदरगाह में दाखिल नहीं हुआ है और उसने अपने दस्तावेज भी जमा नहीं किए हैं.”

Advertisement

उन्होंने यह भी कहा, “यह जांच करना संभव नहीं है कि यूक्रेन का जो दावा है कि माल के कागज (बिल ऑफ लाडिंग) में फर्जीवाड़ा हुआ है, वह सही है भी या नहीं.” विदेश मंत्री सार ने यूक्रेन की आलोचना करते हुए कहा कि यह “ट्विटर डिप्लोमेसी” है. उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेन के पास चोरी के सबूत हैं, तो सही तरीके से पेश करे.

यूक्रेन के आरोप और रूस का जवाब

यूक्रेन का आरोप है कि 2025 में रूस ने उसके कब्जे वाले इलाकों से 20 लाख टन से ज्यादा अनाज चुरा लिया है. यूक्रेन का कहना है कि उसने इन खेपों (शिपमेंट) को अफ्रीका, एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप तक जाते हुए ट्रैक किया है. रूस के क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि इजरायल और यूक्रेन के बीच बढ़ता यह विवाद दोनों देशों का आपसी मामला है. उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, “हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते और न ही इसमें शामिल होना चाहते हैं.”

Advertisement

बता दें कि 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद दुनिया भर में खाद्य कीमतें बढ़ गई थीं. उसी साल संयुक्त राष्ट्र और तुर्की ने एक समझौता कराया था, जिससे यूक्रेन को काला सागर के रास्ते अनाज निर्यात करने की अनुमति मिली थी. लेकिन बाद में रूस इस समझौते से हट गया और उसने कहा कि उसे इसके बदले प्रतिबंधों में राहत चाहिए.

यह भी पढ़ें: 90 KG से 50 KG हो गए... किस हालत में फ्रंटलाइन पर जंग लड़ रहे यूक्रेन के सैनिक, तस्वीरें हुईं लीक

Featured Video Of The Day
कहीं सिर फोड़ा तो कहीं EVM पर चिपकाया टेप, बंगाल में दूसरे फेज की वोटिंग में कहां-कहां हुई हिंसा