- दलाई लामा को 68वें ग्रैमी अवार्ड समारोह में सर्वश्रेष्ठ ऑडियोबुक श्रेणी में पहला ग्रैमी अवार्ड मिला
- चीन ने दलाई लामा को धार्मिक नहीं बल्कि राजनीतिक निर्वासित और चीन विरोधी गतिविधियों में लिप्त बताया
- चीन ने ग्रैमी अवार्ड को चीन विरोधी राजनीतिक हेरफेर के लिए इस्तेमाल किए जाने का कड़ा विरोध किया
चीन ने सोमवार को दलाई लामा को दिए गए ग्रैमी अवार्ड की निंदा करते हुए कहा कि वह इस सम्मान का चीन विरोधी "राजनीतिक हेरफेर" के लिए संभावित दुरुपयोग का "कड़ा विरोध" करता है. दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो ने रविवार को लॉस एंजिल्स में आयोजित 68वें वार्षिक ग्रैमी अवार्ड समारोह में अपने स्पोकन-वर्ड एल्बम "मेडिटेशन्स: द रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा" के लिए सर्वश्रेष्ठ ऑडियोबुक, नैरेटर और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग श्रेणी में अपना पहला ग्रैमी अवार्ड जीता.
चीन का बयान
दलाई लामा को अवार्ड मिलने पर पूछे जाने पर, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने चीन के इस आरोप को दोहराया कि 90 वर्षीय आध्यात्मिक नेता धर्म के नाम पर अलगाववादी गतिविधियां चला रहे हैं. लिन ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि दलाई लामा केवल धार्मिक व्यक्ति नहीं हैं, वे एक राजनीतिक निर्वासित हैं, जो धर्म की आड़ में चीन विरोधी अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त हैं. उन्होंने आगे कहा कि बीजिंग इस अवार्ड का चीन विरोधी राजनीतिक हेरफेर के लिए इस्तेमाल किए जाने का कड़ा विरोध करता है.
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दलाई लामा 1959 में तिब्बत छोड़ने के बाद से धर्मशाला में निर्वासन में रह रहे हैं. उनको तिब्बत की मुक्ति के लिए उनके निरंतर, अहिंसक संघर्ष के लिए 1989 में नोबेल शांति अवार्ड से सम्मानित किया गया था.
ग्रैमी अवार्ड समारोह में, उन्होंने कैथी गार्वर (फिल्म "एल्विस रॉकी एंड मी: द कैरोल कॉनर्स स्टोरी"), ट्रेवर नोआ (फिल्म "इनटू द अनकट ग्रास"), केतनजी ब्राउन जैक्सन (फिल्म "लवली वन: ए मेमोइर") और फैब मोरवन (फिल्म "यू नो इट्स ट्रू: द रियल स्टोरी ऑफ मिली वैनिली") सहित अन्य नामांकित व्यक्तियों को पीछे छोड़ दिया.
दलाई लामा का बयान
इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दलाई लामा ने कृतज्ञता और विनम्रता व्यक्त की और कहा कि वे इस अवार्ड को व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं मानते. उन्होंने कहा, “मैं इस सम्मान को कृतज्ञता और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं. मैं इसे व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी साझा सार्वभौमिक जिम्मेदारी की पहचान मानता हूं. मेरा दृढ़ विश्वास है कि शांति, करुणा, पर्यावरण संरक्षण और मानवता की एकता की समझ आठ अरब मनुष्यों के सामूहिक कल्याण के लिए आवश्यक है. मैं आभारी हूं कि ग्रैमी अवार्ड से मिली यह पहचान इन संदेशों को और अधिक व्यापक रूप से फैलाने में सहायक होगी.”
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