- नेपाल में जेन-जी के विरोध प्रदर्शन के बाद 5 मार्च को आम चुनाव हुए, इसमें बालेन शाह बाजी मारते दिख रहे हैं
- पूर्व रैपर बालेन शाह राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता हैं, युवाओं के बीच एक लोकप्रिय चेहरे के रूप में उभरे
- बालेन ने मेयर के तौर पर भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों और व्यवहारिक कार्यशैली के जरिए काठमांडू में कई बदलाव किए
नेपाल में छह महीने पहले हुए ‘जेन जेड' के विरोध प्रदर्शन और के पी शर्मा ओली की सरकार गिरने के बाद 5 मार्च को आम चुनाव हुए. इसमें जेन-जी की पसंद बालेन शाह ने पूर्व पीएम केपी ओली को पछाड़ दिया है. पूर्व रैपर बालेन शाह के नेतृत्व वाली नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) भारी जीत की ओर बढ़ रही है. नेपाल का जनादेश एक मिलेनियल प्रधानमंत्री के लिए पूरी तरह तैयार है. बालेन शाह को बालेंद्र शाह के नाम से भी जाना जाता है. बालेन उन प्रदर्शनकारियों में से थे जो सितंबर 2025 में सड़कों पर उतरे थे और जिस जेन-जी आंदोलन के कारण उस समय की केपी शर्मा ओली सरकार को इस्तीफा देना पड़ा था.
जानकार बताते हैं कि बालेन शाह एक फैंटम की तरह हैं. कोई भी उनके करीबी समूह में भी नहीं जानता कि वह कहां हैं, कहां होंगे, या उनकी क्या योजना है. जेन जी के लिए बालेन शाह की छवि एक मसीहा की है.
नेपाल के जेन-जी प्रदर्शन के दौरान बालेंद्र शाह उभरकर निकले थे. इस आंदोलन के बाद से उन्हें युवाओं के नेता के तौर पर देखा जाने लगा.
27 अप्रैल, 1990 को काठमांडू में जन्मे बालेन शाह एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर से रैपर बने. बाद में उन्होंने राजनीति में एंट्री ली, और 2022 में शहर के 15वें मेयर बने.
मेयर के तौर पर, उन्होंने दिखने वाले, नतीजे देने वाले प्रोजेक्ट्स, भ्रष्टाचार विरोधी भाषण और एक व्यवहारिक अप्रोच पर जोर दिया, जिसने सोशल मीडिया और जमीनी स्तर की राजनीति में अच्छा प्रदर्शन किया. एक नॉन-करियर राजनेता के तौर पर उनके बैकग्राउंड ने उन्हें एक बाहरी रिफॉर्मर के तौर पर अपनी जगह बनाने में मदद की.
अपने मेयर के कार्यकाल के बीच में ही इस्तीफा देने के बाद, बालेन का राजनीतिक सफर काठमांडू से आगे बढ़ा. वह राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी में शामिल हुए और बगावत के बाद के राजनीतिक माहौल में एक जानी-मानी आवाज बनकर उभरे. उन्होंने आर्थिक रिफॉर्म, युवा रोजगार, और ब्रेन ड्रेन रोकने के लिए अभियान चलाया.
बालेन के बारे में लोगों का मानना है कि वह नेपाल की पॉलिसी और पॉलिटिक्स को बदल सकते हैं. उनका कहना है कि बालेन, प्रधानमंत्री के काम को मेयर से आसान मानते हैं, क्योंकि मेयर को बदलाव लागू करने के लिए कई मंजूरियों की जरूरत होती है. उन्हें शायद यह एहसास हो कि नए ऑफिस में, अगर वह सच में इसे संभालते हैं, तो मंजूरी ज्यादा लोगों, यानी नेपाल के लोगों से लेनी होगी.
बालेन शाह का इंडिया से खास कनेक्शन
35 साल के बालेन का इंडिया से भी एक खास कनेक्शन है. दरअसल उन्होंने भारत के विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (VTU) से पढ़ाई की है. यहां से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ़ टेक्नोलॉजी की डिग्री हासिल की है. साथ ही बेंगलुरु में निट्टे मीनाक्षी इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से भी पढ़ाई की है.
काठमांडू में हिमालयन व्हाइटहाउस इंटरनेशनल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए बालेन शाह भारत आ गए थे.
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