- ईरान-इजरायल युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू होकर व्यापक मिसाइल और ड्रोन हमलों में तब्दील हो गया है
- करीब 1500 मिसाइल और ड्रोन हमले ईरान, इजरायल, सऊदी अरब समेत कई देशों में दर्ज किए
- ईरान पर सबसे अधिक हमले हुए हैं और उसने अमेरिकी ठिकानों के साथ-साथ खाड़ी के कई देशों को भी निशाना बनाया है
ईरान-इजरायल युद्ध काफी खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है. 28 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद से, ईरान, इजरायल, सऊदी अरब, UAE, इराक, कुवैत, बहरीन, कतर, ओमान, जॉर्डन और पश्चिम एशिया के कुछ अन्य देशों में लगभग 1500 मिसाइल और ड्रोन हमले दर्ज किए गए हैं. जिनकी रिपोर्ट मीडिया में आई है या इनकी पुष्टि जियोलोकेटेड फुटेज के ज़रिए हुई है.
ईरान पर सबसे ज्यादा हुए हमले
इनमें से ज्यादातर हमले ईरान में हुए हैं. जवाबी कार्रवाई में, ईरान ने अमेरिकी ठिकानों, इजरायल के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर और उन दूसरे खाड़ी देशों को निशाना बनाया है जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. वॉशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ स्टडी ऑफ वॉर (ISW) द्वारा जुटाए गए डेटा के मुताबिक, इजरायल, UAE और बहरीन को सबसे ज्यादा हमलों का सामना करना पड़ा है.
Iran Attack
ईरान ने पड़ोसी देशों को बनाया निशाना
बता दें कि इस भीषण संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों के खिलाफ एक बड़े हवाई अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्युरी' का आगा किया. यह हमला ईरान के बढ़ते परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्र में उसके समर्थित गुटों की गतिविधियों को रोकने के लिए किया गया था. जवाब में ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए हमले तेज कर दिए. ईरान ने केवल इजरायल, बल्कि उन सभी खाड़ी देशों को निशाना बनाना शुरू कर दिया जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं. ईरान का तर्क है कि UAE, बहरीन, कुवैत और कतर जैसे देश अपनी धरती का उपयोग ईरान के खिलाफ हमले करने के लिए दे रहे हैं.
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