- वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने US के बढ़ते दबाव के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है.
- रोड्रिगेज ने कहा कि देश की राजनीति आंतरिक मतभेदों और संघर्षों को खुद सुलझाएगी.
- अमेरिका ने वेनेजुएला पर तेल उत्पादन बढ़ाने और चीन, रूस जैसे देशों से रिश्ते कम करने का दबाव बनाया है.
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका के बढ़ते दबाव के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उन्हें अब वॉशिंगटन के आदेशों से ‘बहुत हो चुका' है. यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका द्वारा पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है.
राज्य संचालित टेलीविजन चैनल पर प्रसारित एक कार्यक्रम में तेल कर्मियों को संबोधित करते हुए रोड्रिगेज ने कहा, 'वेनेजुएला के नेताओं पर वॉशिंगटन के आदेश अब बहुत हो चुके हैं. हमारे देश की राजनीति हमारे आंतरिक मतभेदों और संघर्षों को खुद सुलझाएगी.'
यह भी पढ़ें- UN के मंच से भारत ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा, आतंकवाद और सिंधु जल संधि पर शहबाज सरकार का डबल स्टैंडर्ड एक्सपोज
उन्होंने कहा कि वेनेजुएला ने अतीत में फासीवाद और चरमपंथ की भारी कीमत चुकाई है और अब देश अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा.
अमेरिका के समर्थन और दबाव के बीच संतुलन
बताते चलें कि डेल्सी रोड्रिगेज अमेरिका के समर्थन से कार्यवाहक राष्ट्रपति बनी हैं, लेकिन उनके सामने चुनौती यह है कि वे एक ओर मादुरो समर्थकों को देश के भीतर साथ रखें और दूसरी ओर व्हाइट हाउस को भी संतुष्ट करें.
पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिका वेनेजुएला पर तेल उत्पादन फिर से शुरू करने, अमेरिकी कंपनियों को प्राथमिकता देने और चीन, रूस, ईरान व क्यूबा से रिश्ते कम करने जैसे दबाव बना रहा है. हालांकि रोड्रिगेज ने यह भी कहा कि वे अमेरिका से टकराव नहीं चाहतीं.
उन्होंने सोमवार को कहा, 'हम अमेरिका से डरते नहीं हैं, लेकिन हम सम्मानजनक संबंध चाहते हैं- अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवीय मूल्यों और वेनेजुएला के इतिहास व गरिमा के सम्मान के साथ.'
यह भी पढ़ें- भारत-EU के बीच ट्रेड डील पर ट्रंप हो गए नाराज, यूरोप को ये सलाह देने लगा अमेरिका
ट्रंप के बयान और बदले सुर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला को 'चलाने जा रहा है', हालांकि बाद में उन्होंने रोड्रिगेज को अंतरिम नेता के तौर पर समर्थन दिया. इस महीने की शुरुआत में ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने रोड्रिगेज से फोन पर बात की है और उन्हें 'बेहद शानदार व्यक्ति' बताया था.
देश के भीतर सियासी खींचतान
गौरतलब है कि वेनेजुएला के भीतर भी हालात जटिल हैं. मादुरो समर्थकों, वामपंथी धड़ों और ऐसे ‘चाविस्टा' समूहों के बीच मतभेद हैं, जो पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज़ की विचारधारा के समर्थक हैं लेकिन मादुरो के विरोधी रहे हैं.
वहीं विपक्षी नेता भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं. अमेरिका चाहता है कि विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो किसी न किसी रूप में नेतृत्व में भूमिका निभाएं.
कैदियों की रिहाई पर भी दबाव
अमेरिका लंबे समय से वेनेजुएला में बंद राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग कर रहा है. मानवाधिकार संगठन फोरो पेनाल के अनुसार, रविवार को कम से कम 104 कैदियों को रिहा किया गया, जबकि जनवरी की शुरुआत से अब तक कुल 266 लोगों को छोड़ा जा चुका है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इन रिहाइयों को 'मानवीय कदम' बताते हुए वेनेजुएला के नेतृत्व का धन्यवाद किया है. वहीं वेनेजुएला के आंतरिक मंत्री डियोसदादो काबेलो का दावा है कि दिसंबर से अब तक कुल 808 कैदियों को रिहा किया जा चुका है.
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त को इन रिहाइयों की जांच के लिए आमंत्रित किया जा सकता है.














