ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध का आज 18वां दिन है. यह युद्ध दिनों-दिन भीषण होता जा रहा है. लेकिन कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की जमकर तारीफ की है. उन्होंने ईरान के साथ जारी युद्ध की तुलना शतरंज के एक बड़े मैच से ही की है. उनका कहना है कि उनका मुकाबला दुनिया के बहुत अधिक आईक्यू वाले लोगों से है. डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ह्वाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान के एक सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की जमकर तारीफ की. उन्होंने सुलेमानी को बेहतरीन जनरल बताया. अमेरिका ने जनवरी 2020 में ईराक में ड्रोन से हमला कर सुलेमानी की हत्या कर दी थी. ट्रंप का कहना था कि उसी दिन से ईरान का पतन शुरू हो गया था.
ईरान की तारीफ में क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति के ऑफिस ह्वाइट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे. इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या ईरान के साथ युद्ध जल्द ही खत्म होने जा रहा है. इस सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा,"हां, यह जल्द ही खत्म हो जाएगा. इसके बाद हमारी दुनिया कहीं अधिक सुरक्षित होगी. यह करना मेरा कर्तव्य था."
ट्रंप ने कहा कि यह एक बहुत ऊंचे दर्जे का शतंरज है. इसमें उनका मुकाबला बहुत ही स्मार्ट खिलाड़ियों से है. वो बहुत ही स्मार्ट लोग हैं. उन्होंने कहा कि आप बहुत अधिक बौद्धिक क्षमता और बहुत अधिक आईक्यू वाले लोगों से डील कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आप जानते हैं, जब आप इनमें से कुछ लोगों से निपटते हैं, तो आप बहुत बुद्धिमान, बहुत अधिक आईक्यू वाले लोगों से निपट रहे होते हैं. ये वास्तव में बुद्धिमान लोग हैं, लेकिन हिंसक और दुष्ट भी हैं. कुछ बहुत अच्छे लोग हैं और कुछ बहुत अच्छे हैं, लेकिन हिंसक हो जाते हैं. लेकिन आप जानते हैं, अगर मैंने वह नहीं किया होता जो मैंने किया, तो हम बुरी तरह प्रभावित हुए होते.''
जनरल कासिम सुलेमानी की शान में गढ़े कसीदे
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की तारीफ की. उन्होंने कहा कि सुलेमानी एक बहुत अच्छे जनरल थे. अगर हमने उन्हें नहीं मारा होता तो हम आज वहां नहीं होते, जहां हम आज हैं. उन्होंने कहा कि हमने उन्हें अपने पहले कार्यकाल में मारा था. उन्होंने कहा कि बम धमाके सुलेमानी का प्रमुख हथियार था. उन्होंने कहा कि जनरल सुलेमानी का मारा जाना ईरान के पतन की शुरूआत थी. उन्होंने कहा कि जनरल सुलेमानी एक खतरनाक आदमी था, लेकिन एक बेहतरीन जनरल था. उन्होंने कहा कि अगर सुलेमानी नहीं मारे गए होते तो शायद हम आज वहां नहीं होते, जहां हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि बुद्धिमता को लेकर कोई जनरल सुलेमानी की कोई जगह ले सकता है.
ईरानी कुद्स फोर्स के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी ईराक की राजधानी बगदाद में तीन जनवरी 2020 को हुए एक ड्रोन हमले में मारे गए थे.
कौन थे जनरल कासिम सुलेमानी
क़ासिम सुलेमानी ईरान की एलिट कुद्स फोर्स के कमांडर थे. तीन जनवरी 2020 को ईराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी सेना के एक ड्रोन हमले में उनकी मौत हो गई थी. उस समय डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति थे. कुद्स फोर्स ईरान की एटील फोर्स इस्लामिक रिवॉल्यूशन गार्ड कोर (आईआरजीसी) की एक शाखा है. यह शाखा दूसरे देशों में अभियान चलाती है. ईरान पश्चिम एशिया में अपने प्रॉक्सी के जरिए अभियान को अंजाम देता है. ईरान इसे एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस कहता है. माना जाता है कि इसे विकसित करने में जनरल सुलेमानी का दिमाग था. कुद्स फोर्स को अमेरिका ने 25 अक्तूबर 2007 को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था.
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