कुवैत, दुबई में हमला... ईरान की पड़ोसियों को नसीहत- सुरक्षा चाहते हो तो US-इजरायल को मत करो हेल्प

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि उनके पड़ोसी देश अगर विकास और सुरक्षा चाहते हैं तो इजरायल और अमेरिका को मदद न दें.

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  • ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका और इजरायल की हर कार्रवाई का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है
  • ईरान ने कहा है कि अगर उसके इन्फ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक ठिकानों पर हमला हुआ तो वह जोरदार जवाब देगा
  • क्षेत्रीय देशों को आगाह किया गया है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के दुश्मनों को युद्ध के लिए न करने दें
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तेहरान:

सैन्य संघर्ष के 29वें दिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने दावा किया है कि वो अमेरिका-इजरायल की ओर से हो रही हर कार्रवाई का पूरी ताकत से जवाब देंगे. सोशल मीडिया पोस्ट में चेतावनी दी कि पहल ईरान नहीं करता, लेकिन अगर उस पर आक्रमण किया जाता है तो वो फिर पीछे हटता भी नहीं है.

ईरानी राष्ट्रपति ने एक्स पर चेतावनी दी कि अगर ईरान के इन्फ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक ठिकानों पर हमला हुआ, तो जोरदार जवाब दिया जाएगा. उन्होंने क्षेत्र के अन्य देशों को भी आगाह करते हुए लिखा कि "अगर वे विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो अपने देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान के दुश्मनों को युद्ध के लिए न करने दें."

तेहरान की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि वो सिर्फ अमेरिका के ठिकानों को निशाना बनाता है. लेकिन खाड़ी देशों के अधिकारी इससे इत्तेफाक नहीं रखते. उनका कहना है कि हमलों में होटल, एयरपोर्ट और रिहायशी इलाकों पर भी स्ट्राइक की जा रही है.

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इस बीच इराक के रक्षा मंत्रालय ने ऑयलफील्ड में गिरे ड्रोन की जानकारी दी है. विभाग ने बताया कि दक्षिणी हिस्से में स्थित मजनून ऑयलफील्ड में एक ड्रोन गिर गया, लेकिन वह फटा नहीं, जिससे बड़ा नुकसान टल गया. इराक के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ. मजनून ऑयलफील्ड इराक के सबसे अहम तेल क्षेत्रों में से एक है.

वहीं, ईरान की ओर से दावा किया गया है कि उसने दुबई में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया है. ईरान की मिलिट्री यूनिट 'खतम अल-अंबिया ऑफिस' के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी के मुताबिक, ईरानी सेना ने मिसाइल और ड्रोन से दो जगहों पर हमला किया, जहां 500 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक मौजूद थे. उनके अनुसार इन हमलों में भारी नुकसान हुआ.

ईरानी अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी सेना पहले ही अपने ठिकानों से भागकर छिप रही है. हालांकि, ईरान के इन दावों की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है.

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