परमाणु तबाही के करीब मिडिल ईस्ट की जंग! ईरान के इकलौते न्यूक्लियर पावरप्लांट पर गिरी मिसाइल

US Israel War Against Iran: दक्षिण-पश्चिमी ईरान में स्थित बुशेहर पावरप्लांट इस्लामिक गणराज्य ईरान का एकमात्र चालू परमाणु रिएक्टर है और इसी पर हमला हुआ है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
US Iran War: ईरान से जंग के बीच परमाणु तबाही का खतरा

US Israel War Against Iran: मिडिल ईस्ट की जंग हर बीतते वक्त के साथ काबू से बाहर जाती जा रही है. जंग एक करवट लेगी और बात न्यूक्लियर तबाही तक जा सकती है. अब संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने बुधवार, 18 मार्च को कहा कि उसे ईरान के अधिकारियों ने बताया है कि देश के एकमात्र काम कर रहे परमाणु बिजलीघर (न्यूक्लियर पावरप्लांट) पर एक प्रोजेक्टाइल (संभवतः मिसाइल जैसा हथियार) आकर लगा. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) परमाणु क्षेत्र में सहयोग के लिए संयुक्त राष्ट्र की एक स्वायत्त संस्था है, जिसे 'ग्लोबल न्यूक्लियर वॉचडॉग' भी कहा जाता है. यह परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देती है और इसके सैन्य उपयोग को रोकने के लिए दुनिया भर में परमाणु सुविधाओं की निगरानी करती है.

IAEA ने कहा कि ईरान ने उसे जानकारी दी है कि मंगलवार शाम ईरान के बुशेहर परमाणु बिजलीघर के परिसर में एक प्रोजेक्टाइल आकर गिरा. वियना में स्थित इस एजेंसी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि न्यूक्लियर पावरप्लांट को कोई नुकसान नहीं हुआ और वहां काम करने वाले कर्मचारियों को भी कोई चोट नहीं लगी. बयान में कहा गया कि एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने संघर्ष के दौरान संयम बरतने की अपनी अपील दोहराई है, ताकि किसी भी तरह के परमाणु हादसे का खतरा पैदा न हो.

बुशेहर पावरप्लांट- ईरान के एकमात्र चालू परमाणु रिएक्टर

दक्षिण-पश्चिमी ईरान में स्थित बुशेहर पावरप्लांट इस्लामिक गणराज्य ईरान का एकमात्र चालू परमाणु रिएक्टर है और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अनुसार इसे पहली बार साल 2011 में बिजली ग्रिड से जोड़ा गया था. साल 2018 से तेहरान पर अमेरिका के कड़े प्रतिबंध लगे हुए हैं.

वजह थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिका उस समझौते से बाहर हो गया जिसमें ईरान को प्रतिबंधों से राहत देने के बदले उसकी परमाणु गतिविधियों पर सीमाएं लगाई गई थीं, ताकि वह परमाणु हथियार विकसित न कर सके.

ईरान हमेशा से यह कहता रहा है कि उसका परमाणु हथियार बनाने का कोई इरादा नहीं है और उसका कहना है कि उसकी सभी परमाणु गतिविधियां पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं. ट्रंप इसपर विश्वास नहीं करते और उन्होंने नए परमाणु समझौते के लिए होती बातचीत के बीच ही ईरान के खिलाफ इजरायल के साथ मिलकर जंग शुरू कर दी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: ईरान के लिए सुप्रीम लीडर की मौत से भी बड़ा झटका है सिक्योरिटी चीफ का मरना! समझिए ऐसा क्यों?

Featured Video Of The Day
NDTV Creators Manch 2026 | Priya Malik Poetry: 'इश्क है' वाली प्रिया मालिक का सबसे बेबाक इंटरव्यू