- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध की धमकी देते समय अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया था
- ट्रंप ने आलोचकों की बातों को नजरअंदाज करते हुए साफ किया कि उन्हें अपनी भाषा के लिए कोई अफसोस नहीं है
- कुछ आलोचकों ने ट्रंप की मानसिक जांच कराने की मांग की है
कोई शख्स अमेरिका के राष्ट्रपति के कुर्सी पर बैठा हो, वह ईरान के खिलाफ जंग लड़ रहा हो. इस दौरान भी आप उससे सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज वाली भाषा के प्रयोग की उम्मीद नहीं करेंगे. लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने ठीक ऐसा ही किया है और उससे भी बड़ी बात यह है कि उन्हें अपने इस बर्ताव के लिए कोई अफसोस भी नहीं है. अमेरिका के राष्ट्रपति ने उन आलोचनाओं को नजरअंदाज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने ईरान को नष्ट करने की धमकी देते समय बहुत अपमानजनक और गाली वाले शब्दों का इस्तेमाल किया.
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने ईरानियों के लिए पागल हरा*** जैसा शब्द का इस्तेमाल क्यों किया था, तो उन्होंने जवाब दिया, “मुझे आलोचकों की परवाह नहीं है.”
ट्रंप ने आगे कहा, “लेकिन अगर ऐसा है, तो आपको मेरे जैसे और लोगों की जरूरत होगी. क्योंकि कई सालों तक हमारे देश को व्यापार में और हर चीज में लूटा जा रहा था, जब तक कि मैं नहीं आया. इसलिए अगर ऐसा है, तो आपको मेरे जैसे और लोगों की जरूरत पड़ेगी.”
ट्रंप ने किया था आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल
ईस्टर संडे के दिन डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट लिखी थी जिसमें गाली वाले शब्द थे. इसके बाद आलोचकों ने उस पोस्ट की कड़ी आलोचना की और उसे “बहुत गंदा” बताया. कुछ लोगों ने तो यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की कैबिनेट को अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन को लागू करना चाहिए. इस संशोधन में यह प्रावधान है कि अगर राष्ट्रपति को उनके काम करने में अयोग्य घोषित कर दिया जाए, तो उन्हें पद से हटाया जा सकता है.
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