US-Iran War: अमेरिका ने चाबहार में 'मुक्त व्यापार क्षेत्र' के पास सैन्य ठिकानों पर किया हमला

US ने ईरान के चाबहार फ्री ट्रेड जोन के पास ‘सैन्य ठिकानों’ पर हमला किया है. अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने चाबहार फ्री ट्रेड जोन के पास स्थित पहाड़ पर मौजूद सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया है.

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  • अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने चाबहार फ्री ट्रेड एरिया के पास पहाड़ पर स्थित सैन्य ठिकानों पर हमला किया है.
  • चाबहार फ्री ट्रेड एरिया ईरान और PAK की दक्षिण-पूर्वी सीमा पर स्थित है, जो रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है.
  • भारत ने 2024 में ईरान के साथ दस वर्षीय अनुबंध पर हस्ताक्षर कर चाबहार में करोड़ों डॉलर का निवेश किया है.
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अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने चाबहार फ्री ट्रेड एरिया के पास एक पहाड़ पर स्थित सैन्य ठिकानों पर हमला किया है. वॉयस ऑफ अमेरिका की रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र के पीछे के इलाके में भीषण विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. चाबहार मुक्त व्यापार क्षेत्र ईरान की पाकिस्तान के साथ दक्षिण-पूर्वी सीमा पर स्थित है.

भारत के लिए बहुत जरूरी चाबहार

चाबहार बंदरगाह, जिसका अर्थ 'चार झरने' है, भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अफगानिस्तान, मध्य एशिया और यूरोप तक सुगम पहुंच देता है.

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2024 में, भारत ने ईरान के साथ 10 वर्षीय अनुबंध पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत सरकारी स्वामित्व वाली इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (आईपीजीएल) ने चाबहार में 370 मिलियन डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई, जो बंदरगाह को लेकर नई दिल्ली की दीर्घकालिक योजनाओं को रेखांकित करता है.

भारत का लक्ष्य 2030 तक अपनी अर्थव्यवस्था को 10 ट्रिलियन डॉलर और 2034 तक 15 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ाना है. इसके लिए उसे विदेशी निवेश और स्थिर व्यापार मार्गों की जरूरत है. इस संदर्भ में चाबहार बहुत जरूरी है, क्योंकि यह भारत की भू-राजनीतिक और आर्थिक रणनीति का आधार है, विशेष रूप से उभरती भू-रणनीतिक चुनौतियों के मद्देनजर.

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पाक को किनारा कर मिडिल ईस्ट का रास्ता है चाबहार

भारत के लिए चाबहार महज एक व्यापारिक परियोजना से कहीं अधिक है. यह बंदरगाह नई दिल्ली की कनेक्टिविटी रणनीति का केंद्र है, जो हिंद महासागर तक पहुंच प्रदान करता है और पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अफगानिस्तान और मिडिल ईस्ट तक पहुंचने का एक महत्वपूर्ण मार्ग उपलब्ध कराता है. यह अफगानिस्तान के लोगों को भारत द्वारा दी जाने वाली मानवीय सहायता का भी एक प्रमुख केंद्र रहा है.

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