अमेरिका-ईरान शांति वार्ता राउंड-2: गुरुवार को इस्लामाबाद में फिर सजेगी कूटनीति की मेज?

ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से कहा है कि ईरान, अमेरिका के साथ शांति वार्ता जारी रखने को तैयार है. उधर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी पॉजिटिव संकेत देते हुए कहा है कि अगला कदम ईरान पर निर्भर करता है.

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अमेरिका और ईरान एक बार फिर से वार्ता की मेज पर बैठ सकते हैं. जगह वही इस्लामाबाद, मकसद वही खाड़ी में जारी तनाव को स्थायी रूप से खत्म करना, लेकिन इस बार तेवर अलग हो सकते हैं. सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में ये संभावना भी जताई जा रही है कि बैठक गुरुवार को भी हो सकती है. इस वार्ता पर दुनिया की निगाहें लगी हैं क्योंकि दो हफ्ते का घोषित युद्धविराम 21 अप्रैल को खत्म होने वाला है. 

बातचीत की मेज पर लाने के प्रयास तेज

खाड़ी में युद्ध की वजह से बिगड़ते आर्थिक हालात को देखते हुए अमेरिका और ईरान को फिर से बातचीत की मेज पर लाने के प्रयास तेज हो गए हैं. एक तरफ सऊदी अरब अमेरिका पर प्रेशर बना रहा है. फ्रांस और ब्रिटेन समुद्री रास्ता खोलने का दबाव डाल रहे हैं. रूस भी मध्यस्थता की पेशकश कर चुका है. फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बात भी की है. 

ईरान-अमेरिका ने दिए सकारात्मक संकेत

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से बातचीत में ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने कहा है कि ईरान, अमेरिका के साथ शांति वार्ता जारी रखने को तैयार है. वह कूटनीति के जरिए विवादों के समाधान का इच्छुक है. उधर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी संकेत देते हुए कहा है कि अगला कदम ईरान पर निर्भर करता है. 

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47 साल बाद हुई थी 21 घंटे की बैठक 

अमेरिका और ईरान के बीच उच्चस्तर पर हाल ही में इस्लामाबाद में सीधी बैठक हुई थी. पिछले 47 साल में ये पहला मौका था, जब दोनों देशों के बीच आमने-सामने की बैठक हुई. 21 घंटे तक महामंथन चला. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की अगुआई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने की, जिसमें विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल थे. वहीं ईरानी दल की कमान वहां के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबाफ ने संभाली. 

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बेनतीजा वार्ता से गहराई चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच कई स्तरों पर बात हुई. बैठक में गरमागरमी की खबरें भी आईं. कुछ मुद्दों पर सहमति बनती भी बताई गई, लेकिन आखिरकार ठोस नतीजा नहीं निकला. इसी के साथ खाड़ी में जंग खत्म होने की उम्मीदें पर भी धूल की परत चढ़ गई. इसके लिए दोनों एकदूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. 

होर्मुज में अब अमेरिकी नाकाबंदी

इस्लामाबाद वार्ता बेनतीजा रहने से दुनिया के माथे पर चिंता की लकीरें गहरा गईं. अमेरिका के ताजा फैसले ने हालात को और गंभीर बना दिया है. अमेरिका ने कह दिया है कि वो ईरान से आने या जाने वाले किसी भी जहाज को होर्मुज स्ट्रेट पार नहीं करने देगा. होर्मुज में ईरान ने पहले ही नाकाबंदी कर रखी थी, कुछ जो जहाज आ-जा रहे थे, उस पर अब अमेरिका ने रोक लगाने का ऐलान कर दिया है. 

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पाकिस्तान का राउंड-2 वार्ता का ऑफर

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान को फिर से वार्ता की मेज पर लाने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, डिप्टी पीएम इशहाक डार और आर्मी चीफ असीम मुनीर कोशिशों में जुटे हैं. पाकिस्तान ने सेकंड राउंड की वार्ता का प्रस्ताव दिया है. संकेत हैं कि दोनों देशों के शीर्ष नेता एक बार फिर से आमने-सामने बैठ सकते हैं. 

बातचीत कब होगी, इसे लेकर थोड़ा सस्पेंस बना हुआ है. कुछ सूत्रों का दावा है कि वार्ता इस गुरुवार को भी शुरू हो सकती है. पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ गुरुवार को सऊदी अरब और तुर्की के संक्षिप्त दौरे पर भी जाने वाले हैं. वह सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के न्योते पर वहां जा रहे हैं. 

पाकिस्तान के पीएम ने सोमवार को कैबिनेट की अर्जेंट बैठक बुलाई थी. इसमें क्षेत्रीय शांति के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को दोहराया. साथ ही विश्वास जताया कि इन वार्ताओं से सकारात्मक परिणाम निकलेंगे और दुनिया में युद्ध की वजह से छाई आर्थिक अनिश्चितता के बादल छंटेंगे. 

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