US Gold Card Visa: दुनिया भर के अमीर लोगों को अमेरिका में कानूनी रूप से रहने और काम करने की सुविधा देकर राष्ट्रपति ट्रंप करोड़ों डॉलर जमा करने का सपना देख रहे थे. लेकिन अब उनके गोल्ड कार्ड वीजा को लेकर खुद व्हाइट हाउस ने ऐसा खुलासा किया है जो हैरान करने वाला है. दरअसल “गोल्ड कार्ड” वीजा योजना के तहत कोई विदेशी व्यक्ति कम से कम 10 लाख डॉलर देकर अमेरिका में कानूनी रूप से रह और काम कर सकता है. लेकिन अब अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लटनिक ने गुरुवार को बताया कि अभी तक इस योजना के तहत सिर्फ एक व्यक्ति को मंजूरी मिली है- यह ट्रंप सरकार की ओर से पहले किए गए बड़े दावे से बहुत-बहुत कम लगता है.
दिसंबर में योजना शुरू होने के बाद, लटनिक ने कहा था कि कुछ ही दिनों में सरकार ने 1.3 अरब डॉलर के “गोल्ड कार्ड” बेच दिए हैं. उस समय ट्रंप ने इस गोल्डन कार्ड दिखाते हुए कहा था, “यह असल में बहुत ताकतवर ग्रीन कार्ड जैसा है.” लेकिन अब गुरुवार को समिति की बैठक में एक सांसद के सवाल पर लटनिक ने इस फर्क ( 1.3 अरब डॉलर के कार्ड बेचने के दावे और असल में केवल 10 लाख डॉलर के एक गोल्ड कार्ड की मंजूरी में) पर कुछ नहीं कहा.
सच्चाई यह है कि अभी तक सिर्फ एक व्यक्ति को मंजूरी मिली है. हालांकि लटनिक ने कहा कि “सैकड़ों लोग लाइन में हैं और उनकी जांच चल रही है.” उन्होंने गुरुवार को कांग्रेस की बैठक में इस योजना के नतीजों पर संतोष जताया. उन्होंने कहा, “उन्होंने अभी इसे शुरू किया है और वे चाहते हैं कि सब कुछ बिल्कुल सही तरीके से हो.”
ट्रंप सरकार के बड़े सपने
एक साल पहले, लटनिक ने कैबिनेट की बैठक में कहा था कि यह गोल्ड कार्ड योजना 1 ट्रिलियन डॉलर तक की कमाई कर सकती है और बजट संतुलित करने में मदद करेगी. फिलहाल अमेरिका पर 31.3 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज है, और एक संस्था के अनुमान के अनुसार इस साल का बजट घाटा लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर हो सकता है.
वाणिज्य मंत्री ने बताया कि हर आवेदन करने वाला व्यक्ति 10 लाख डॉलर के अलावा 15,000 डॉलर फीस भी देता है. इससे आवेदकों की कड़ी जांच की जाती है. बाद में यह योजना अमेरिकी नागरिकता पाने का रास्ता भी खोलती है. इसके अलावा कंपनियां भी किसी विदेशी कर्मचारी के लिए 20 लाख डॉलर खर्च कर सकती हैं, और हर साल 1% रखरखाव शुल्क (मेंटेनेंस) देना होगा.













