रूस का तेल अब कोई भी खरीदे अमेरिका को दिक्कत नहीं, बस शर्त ये... यूक्रेन-ब्रिटेन-जर्मनी भड़के

यह कदम, एक सप्ताह से भी कम समय में यूक्रेन युद्ध से संबंधित अमेरिकी प्रतिबंधों में दूसरी महत्वपूर्ण ढील है. इससे पहले, अमेरिकी ट्रेजरी ने 5 मार्च को विशेष रूप से भारत के लिए 30 दिनों की छूट जारी की थी.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
ट्रंप और पुतिन की डिप्लोमेसी दुनिया को चौंका रही है. अमेरिका के साथी भी हैरान हैं.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • अमेरिका ने समुद्र में फंसे रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को खरीदने के लिए सभी देशों को 30 दिन की छूट दी है
  • अमेरिकी वित्त मंत्री ने इस कदम को ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने वाला बताया है
  • रूस के राष्ट्रपति के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव के अनुसार यह छूट दस करोड़ बैरल रूसी कच्चे तेल पर प्रभाव डालेगी
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

अमेरिका ने समुद्र में फंसे हुए रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को खरीदने के लिए सभी देशों को 30 दिन की छूट जारी की है. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इसे ईरान युद्ध से अशांत हुए वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने का कदम बताया है. अमेरिकी छूट की घोषणा के बाद शुक्रवार सुबह एशिया में तेल की कीमतों में नरमी आई. रूस के राष्ट्रपति के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव के अनुसार, इससे 10 करोड़ बैरल रूसी कच्चे तेल पर असर पड़ेगा, जो लगभग एक दिन के वैश्विक उत्पादन के बराबर है.

क्यों लिया ये फैसला

यह कदम, एक सप्ताह से भी कम समय में यूक्रेन युद्ध से संबंधित अमेरिकी प्रतिबंधों में दूसरी महत्वपूर्ण ढील है. इससे पहले, अमेरिकी ट्रेजरी ने 5 मार्च को विशेष रूप से भारत के लिए 30 दिनों की छूट जारी की थी, जिससे नई दिल्ली को समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीदने की अनुमति मिली थी. यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने का नया प्रयास है, क्योंकि अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों के आवागमन को ठप कर दिया था. इससे पूरी दुनिया में तेल-गैस संकट गहराता जा रहा है और अमेरिका पर दबाव बढ़ रहा था. 32 देशों वाली अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने गुरुवार को यहां तक कहा था कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण इतिहास में तेल आपूर्ति की सबसे बड़ी समस्या हो रही है. 

शर्त ये है

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध लाइसेंस के अनुसार, वाशिंगटन द्वारा गुरुवार को जारी किया गया लाइसेंस 12 मार्च या उससे पहले जहाजों पर लदे रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की डिलीवरी और बिक्री को अधिकृत करता है और यह लाइसेंस 11 अप्रैल को वाशिंगटन समयानुसार आधी रात तक वैध है. 

यूक्रेन-जर्मनी-ब्रिटेन भड़के

ब्रिटेन का कहना है कि अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बावजूद यूक्रेन के सहयोगियों को रूस पर दबाव बनाए रखना चाहिए. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा कि ईरान युद्ध के बीच रूस पर लगे तेल प्रतिबंधों में अमेरिका द्वारा दी गई 30 दिन की छूट "सही निर्णय नहीं है" और इससे यूक्रेन पर रूस के चार साल से अधिक समय से चल रहे आक्रमण को रोकने में मदद नहीं मिलेगी. उन्होंने कहा, "अमेरिका द्वारा दी गई इस छूट से रूस को युद्ध के लिए लगभग 10 अरब डॉलर मिल सकते हैं." जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने शुक्रवार को कहा कि "किसी भी कारण से प्रतिबंधों में ढील देना गलत है. हमारा मानना ​​है कि यह गलत कदम है. आखिरकार, हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि रूस ईरान युद्ध का फायदा उठाकर यूक्रेन को कमजोर न करे."

Advertisement

ये भी पढ़ें-

ईस्ट चाइना सी में चीन के हजारों नाव क्यों जमा हो गये

अमेरिका क्या युद्ध अपराधी बनेगा? नोबेल शांति पुरस्कार के दावेदार ट्रंप पर ये कैसा दाग

अली खामेनेई को मारकर भी ईरान से हार गए ट्रंप? दिल की चाहत रह गई अधूरी

सरेंडर करने वाला है ईरान, डोनाल्ड ट्रंप ने G7 कॉल में किया दावा, ईरान का आया जवाब

Featured Video Of The Day
Iran Israel War: ईरान ने जारी किया Ayatollah Khamenei का वीडियो | Iran War News | Breaking News