- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के बाद क्यूबा में तख्तापलट की चेतावनी दी है
- अमेरिका ने इतिहास में कई बार क्यूबा में तख्तापलट और फिदेल कास्त्रो की हत्या की कोशिशें की हैं
- CIA ने कास्त्रो को खत्म करने के लिए कई गुप्त और असफल योजनाएं बनाई, जिनमें जहर और विस्फोट शामिल थे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमला करके निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद अपनी नजरे क्यूबा की ओर मोड़ ली है. ट्रंप ने क्यूबा से कहा है कि वो या तो अमेरिका के साथ जल्दी से "डील करे" या फिर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे है. अमेरिका ने इस कॉम्युनिस्ट देश को चेतावनी दी है कि उसके लिए अब वेनेजुएला से तेल और फंड आना बंद हो जाएगा. ट्रंप ने रविवार सुबह अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, "क्यूबा जाने के लिए अब कोई तेल या पैसा नहीं होगा- जीरो. मैं मजबूती से सुझाव देता हूं कि बहुत देर होने से पहले वे एक डील कर लें."
इससे पहले रविवार को ही ट्रंप ने सुझाव दिया कि अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जिनके माता-पिता क्यूबा से आए हैं, को क्यूबा का राष्ट्रपति बनाया जा सकता है. ट्रंप ने एक मैसेज रिपोस्ट किया था जिसमें मजाक में सुझाव दिया गया था कि मार्को रुबियो क्यूबा के राष्ट्रपति बन सकते हैं. ट्रंप ने इसपर लिखा, मुझे यह अच्छा साउंड कर रहा है. क्यूबा के राष्ट्रपति ने ट्रंप की धमकी भरी भाषा को खारिज करते हुए कहा कि क्यूबा के लोग "खून की आखिरी बूंद तक मातृभूमि की रक्षा के लिए तैयार हैं."
तख्तापलट की कोशिश का लंबा है इतिहास
क्यूबा में नेतृत्व को हटाने के अमेरिकी प्रयास ट्रंप के साथ शुरू नहीं हुए. क्यूबा की खुफिया जानकारी और डिक्लासिफाई अमेरिकी दस्तावेजों के अनुसार, क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो को पद से हटाने के लिए बड़े पैमाने पर आक्रमण से लेकर गुप्त हत्या की साजिशों तक सैकड़ों प्रयास किए गए थे.
द बे ऑफ पिग्स इनवेजन (1961)
बे ऑफ पिग्स इनवेजन (Bay of Pigs Invasion) अप्रैल 1961 में क्यूबा के फिदेल कास्त्रो की सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए अमेरिका द्वारा समर्थित एक असफल सैन्य अभियान था. CIA ने द्वीप पर आक्रमण करने और विद्रोह का नेतृत्व करने के लिए क्यूबा के निर्वासितों की एक सेना को ट्रेनिंग और फंडिग दी थी. हालांकि यह अभियान बुरी तरह विफल रहा क्योंकि हमलावरों को स्थानीय समर्थन नहीं मिला और अमेरिकी हवाई सहायता सीमित थी. क्यूबा की सेना ने मात्र तीन दिनों में आक्रमणकारियों को हरा दिया. इस विफलता ने राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी के प्रशासन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदा किया. इसके परिणामस्वरूप क्यूबा और सोवियत संघ के रिश्ते और मजबूत हुए, जिससे अंततः 1962 का 'क्यूबा मिसाइल संकट' पैदा हुआ.
ऑपरेशन मोंगूज या नेवला (1961-62)
बे ऑफ पिग्स इनवेजन के बाद, राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने क्यूबा के शासन को अस्थिर करने के लिए आर्थिक तोड़फोड़, मनोवैज्ञानिक युद्ध और गुप्त कार्रवाई के एक गुप्त अभियान को मंजूरी दी थी. इसे द क्यूबन प्रोजेक्ट' के नाम से भी जाना जाता है और इसे भी अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने गुप्त रूप से चलाया था. यह ऑपरेशन काफी हद तक असफल रहा और इसने भी 1962 के क्यूबा मिसाइल संकट को जन्म देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 1962 के अंत तक इसे आधिकारिक रूप से बंद कर दिया गया था.
इस ऑपरेशन के तहत अमेरिका ने अजीबोगरीब साजिशें कीं, फिदेल कास्त्रो को खत्म करने के लिए CIA ने कई विचित्र योजनाएं बनाई थीं, जैसे:
- विस्फोटक भरा सिगार: एक खतरान सिगार बनाया गया था, जिसका उद्देश्य विस्फोट करना था.
- जहरीला मिल्कशेक: हवाना लिब्रे होटल में कास्त्रो के ड्रिंक में एक जहर की गोली डाली जानी थी.
- जहरीला डाइविंग सूट: टीबी के बैक्टीरिया और एक दूषित श्वास उपकरण से लैस एक वेटसूट पहनाने की कोशिश.
- विस्फोटक समुद्री सीप: जहां कास्त्रो गोता लगाना पसंद करते थे, वहां एक चमकीले रंग का शंख फटने वाला था.
- पूर्व प्रेमी की साजिश: एक पूर्व प्रेमी को कहा गया था कि वो कास्त्रो को जहर दे. कथित तौर पर कास्त्रो ने उसे एक बंदूक सौंपी और उसे गोली मारने के लिए कहा. उसने मना कर दिया.
- चरित्र हनन: कास्त्रो को अपमानित करने का प्रयास, जिसमें उनकी दाढ़ी उखाड़ने की योजना भी शामिल थी.
इनमें से कई योजनाएं कभी भी योजना बनाए जाने के स्तर से आगे नहीं बढ़ीं, उन्हें अव्यावहारिक या बहुत जोखिम भरा कहकर खारिज कर दिया गया.
कास्त्रो को कितनी बार निशाना बनाया गया?
1975 की चर्च कमेटी ने पुष्टि की थी कि 1960 और 1965 के बीच CIA ने कास्त्रो की हत्या की आठ साजिशें रची थीं. जबकि क्यूबा के काउंटर-इंटेलिजेंस के पूर्व प्रमुख फैबियन एस्केलांटे ने का कहना है कि अमेरिका की तरफ से ऐसे 638 प्रयास हुए. उनका दावा है कि अकेले निक्सन युग में कास्त्रो की जान लेने के 184 प्रयास किए गए.
यह भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप ने जारी की तस्वीर, खुद को बताया वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति














