- डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान संग युद्ध जल्द खत्म करने के संकेत दिए हैं लेकिन समझौते की डिटेल स्पष्ट नहीं है
- ट्रंप ने मध्यावधि चुनावों से पहले युद्ध खत्म कर घरेलू एजेंडा पर ध्यान केंद्रित करने की इच्छा जताई है
- युद्ध के कारण पेट्रोल के दाम बढ़ने से ट्रंप पर घरेलू राजनीतिक दबाव और आलोचना तेज हो गई है
क्या अमेरिका-ईरान युद्ध जल्द खत्म होने वाला है? ये सवाल इसलिए क्यों कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद युद्ध खत्म करने के संकेत दिए हैं. हालांकि समझौते की डिटेल अभी साफ नहीं है. शांति की राहत इतनी आसान भी नजर नहीं आ रही. इसके बीच कई मुश्किलें हैं. पिछले दिनों पाकिस्तान में भी इस पर बात नहीं बन पाई थी. ईरान संग युद्ध को सात हफ्ते हो चुके हैं लेकिन ट्रंप ने अब तक युद्ध खत्म करने की समयसीमा पर खुलकर कुछ नहीं कहा है.
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने को हैं. ईरान युद्ध की वजह से देश को नुकसान हो रहा है, ट्रंप लोगों की आलोचना झेल रहे हैं. ऐसे में वह चुनाव कैसे जीत पाएंगे, ये चिंता खुद ट्रंप को भी सता रही है. इसीलिए शायद उनके मन में युद्ध को खत्म करने का विचार आने लगा है.ट्रंप ये सब भूलकर अर्थव्यवस्था पर फोकस करना चाहते हैं, ताकि लोग उनको वोट दें. तभी तो एरिजोना में 'टर्निंग पॉइंट अमेरिका' के एक कार्यक्रम में ट्रंप ने अपनी सरकार की आर्थिक और विदेश नीति की सफलताओं की जमकर तारीफ की. उन्होंने अपने समर्थकों से मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को भारी बहुमत से जिताने की भी अपील की.
ट्रंप ने दिए ईरान युद्ध खत्म करने के संकेत
ट्रंप ने शुक्रवार को की इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट में संकेत दिया कि ईरान संग बातचीत का खाका लगभग तैयार है. उन्होंने नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले युद्ध खत्म करने और घरेलू एजेंडा पर आगे बढ़ने की इच्छा जताई. अपने ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने कहा, "ईरान होर्मुज को फिर कभी बंद नहीं करने पर सहमत हो गया है." हालांकि ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है. तेहरान ने कहा कि होर्मुज इजरायल-लेबनान के बीच सीजफायर के बीच खुला रहेगा.
चुनाव से पहले किस दबाव में हैं ट्रंप?
बता दें कि चुनाव नजदीक आ रहे हैं. ऐसे में ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है. इस युद्ध की वजह से पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं. जिसकी वजह से उनको आलोचना झेलनी पड़ रही है. वोटर्स मुद्रास्फीति को लेकर चिंता में हैं और इसका बदला वह सरकार से चुनाव में ले सकते हैं.
हालांकि ट्रंप के राजनीतिक समर्थक युद्ध का समर्थन कर रहे हैं. लेकिन सर्वे से पता चलता है कि ज्यादातर अमेरिकी इसके खिलाफ हैं. चुनाव से पहले ट्रंप देश की अर्थव्यवस्था पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. युद्ध की वजह से उनके देश को भी कापी नुकसान हो रहा है. ट्रंप फिलहाल ज्यादातर समय अपने सिग्नेचर टैक्स लॉ के फायदों को बढ़ावा देने में बिताया है, जिसमें मैकडॉनल्ड्स डिलीवरी वर्कर का ओवल ऑफिस में स्वागत करने से लेकर नेवादा और एरिजोना का दौरा करके अपने आर्थिक एजेंडे को उजागर करना और युवा वोटर्स को प्रेरित करना शामिल है.
ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर ट्रंप ने कही ये बात
ट्रंप ये कहते रहे हैं कि वे ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को खत्म करना चाहते हैं. वह ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम को सुरक्षित करना चाहते हैं. वह ईरान के क्षेत्रीय आतंकी संगठनों को दिए जा रहे समर्थन को रोकना चाहते हैं और उनके ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को नष्ट करना चाहते हैं, होर्मुज से माल की आवाजाही सुनिश्चित करना चाहते हैं और सत्ता परिवर्तन लाना चाहते हैं.उन्होंने कहा था कि युद्ध से कुछ लक्ष्य पूरे हो चुके हैं और कुछ अभी भी अधूरे हैं.
वार्ता में न्यूक्लियर प्रोग्राम बंद करने पर नहीं बनी थी सहमति
ट्रंप ने शुक्रवार को एक फोन इंटरव्यू में कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को अनिश्चितकाल के लिए सस्पेंड करने पर सहमत है. यह एक नई रियायत जैसा लगता है, तेहरान ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है. बता दें कि इस्लामाबाद में फिर से शुरू हुई वार्ता में अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन बंद करने से इनकार कर दिया है.
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