ट्रंप फैमिली की बिजनेस डील ने तोड़ी राष्ट्रपति पद की मर्यादा? पेंटागन से खाड़ी तक फैलाया कारोबार

क्रिप्टोकरेंसी,ट्रंप के चेहरे की छाप वाले स्मृति चिन्ह जैसे "मीम" सिक्कों को लेकर भी ट्रंप फैमिली पर आरोप लगे पर, व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप "नैतिक रूप से सही तरीके से" काम करते हैं और इसके विपरीत कोई भी सुझाव या तो "गलत जानकारी पर आधारित या दुर्भावनापूर्ण" है.

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ट्रंप की फैमिली पर आरोप लगते हैं कि वो राष्ट्रपति पद का उपयोग बिजनेस बढ़ाने में कर रहे हैं पर वो इससे इनकार करते हैं.
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  • एरिक और डोनाल्ड जूनियर ने पिता की सरकार के साथ व्यापार के लिए कई कंपनियों में हिस्सेदारी ली है
  • यूएई सरकार से जुड़ी कंपनी को क्रिप्टो कारोबार का बड़ा हिस्सा बेचने के बाद अमेरिकी नीतियों में बदलाव हुए हैं
  • व्हाइट हाउस और ट्रंप ऑर्गनाइजेशन हितों के टकराव और नैतिकता से जुड़े सवालों को पूरी तरह खारिज करते हैं
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दशकों तक, अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने अपने पद का लाभ उठाने से परहेज किया. हैरी ट्रूमैन ने रिटायर होने के बाद भी किसी भी व्यवसाय में अपना नाम देने से इनकार कर दिया. रिचर्ड निक्सन को डर ​​था कि उनका भाई संबंधों का फायदा उठा सकता है, इसलिए भाई के फोन को ही टैप करवाते थे और जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने पदभार संभालने से पहले ही अपने व्यक्तिगत शेयर बेच दिए थे. मगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अलग हैं.

तेजी से फैल रहा बिजनेस

एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप परिवार का रियल एस्टेट व्यवसाय एक सदी पहले स्थापित होने के बाद से सबसे तेजी से विदेशी विस्तार कर रहा है, और प्रत्येक सौदा टैरिफ से लेकर सैन्य सहायता तक हर चीज को प्रभावित कर सकता है. एरिक और उनके भाई, डोनाल्ड जूनियर के नेतृत्व में, पारिवारिक व्यवसाय ने क्रिप्टोकरेंसी में भी विस्तार किया है, जिससे अरबों डॉलर का लाभ हुआ है, लेकिन यह सवाल भी उठे हैं कि क्या कुछ बड़े निवेशकों को इसके बदले में विशेष लाभ मिला?

दोनों भाइयों ने अपने पिता ट्रंप की सरकार के साथ व्यापार करने के उद्देश्य से कई कंपनियों में निवेश किया है या उनमें हिस्सेदारी ली है. पिछले महीने, उन्होंने एक ऐसे ड्रोन निर्माता कंपनी में लाखों डॉलर मूल्य की हिस्सेदारी हासिल करने का समझौता किया, जो पेंटागन और ईरान के हमले का सामना कर रहे खाड़ी देशों के साथ कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना चाहती है और ये कॉन्ट्रैक्ट उनके पिता के नेतृत्व वाली अमेरिकी सेना पर निर्भर हैं.

व्हाइट हाउस और ट्रंप ऑर्गनाइजेशन नैतिक समस्याओं से इनकार करते हैं. हाल ही में एक क्रिप्टो सम्मेलन में इस मुद्दे पर पूछे जाने पर, डोनाल्ड जूनियर ने कहा, "सच कहूं तो, यह बात पुरानी हो चुकी है."

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एक्सपर्ट क्या कहते हैं

हितों के टकराव की समस्या एक दशक पहले से चली आ रही है, जब ट्रंप ने पहली बार चुनाव लड़ा था, लेकिन कुछ सरकारी नैतिकता विशेषज्ञ और इतिहासकार तर्क देते हैं कि यह पहले से कहीं अधिक गंभीर है क्योंकि उनके दूसरे कार्यकाल में हितों के टकराव अभूतपूर्व, स्पष्ट और लोकतंत्र के लिए खतरनाक माने जाते हैं. प्रिंसटन विश्वविद्यालय के राष्ट्रपति इतिहासकार जूलियन जेलिजर ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि नीतिगत निर्णयों और राजनीतिक गणनाओं तथा ट्रंप परिवार के हितों के बीच अभी कोई स्पष्ट रेखा है."

ट्रंप के पहले कार्यकाल में, ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने विदेशी देशों में एक भी सौदा नहीं किया. उनके दूसरे कार्यकाल के एक साल से कुछ अधिक समय में ही इसने आठ सौदे किए.

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कतर वाली डील

कतर में, ट्रंप गोल्फ क्लब और विला परियोजना का एक हिस्सा कतर सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी द्वारा विकसित किया जा रहा है. वियतनाम में, जहां न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया था कि सरकार ने ट्रंप रिसॉर्ट के लिए जगह बनाने के लिए किसानों को उनकी जमीन से बेदखल कर दिया था, देश के उप प्रधानमंत्री ने एक समारोह में इस सौदे पर हस्ताक्षर किए और सऊदी अरब में, लाल सागर पर प्रस्तावित "ट्रंप प्लाजा" रिसॉर्ट का निर्माण सत्तारूढ़ परिवार के करीबी एक सऊदी रियल एस्टेट डेवलपर द्वारा किया जा रहा है.

इन समझौतों ने अमेरिकी नीतियों में उन देशों की इच्छानुसार कोई बदलाव लाने में भूमिका निभाई या नहीं, यह जानना लगभग असंभव है, लेकिन इन देशों को वो मिल गया, जो वे चाहते थे - कतर को उन्नत अमेरिकी प्रौद्योगिकी तक पहुंच, वियतनाम को टैरिफ में राहत और सऊदी अरब को लड़ाकू विमान.

ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने इनकार किया

इन परियोजनाओं के बारे में पूछे जाने पर, ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि उसने अब तक किसी भी सरकार के साथ कोई समझौता नहीं किया है. कंपनी ने बताया कि सऊदी कंपनी निजी है और उसने कतरी कंपनी के साथ "सहयोग" करने की बात कही है, न कि उसके साथ कोई ऐसी "साझेदारी" की है, जिससे उसके स्वयं द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन होता.

यूएई के साथ भी की डील

एक अन्य समझौता, जिसमें हितों के टकराव के सवाल उठे, जनवरी में वॉल स्ट्रीट जर्नल के एक लेख में पहली बार सामने आया - वो भी समझौते के एक साल बाद. उद्घाटन से कुछ दिन पहले, ट्रंप परिवार ने अपने वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल क्रिप्टो कारोबार का लगभग आधा हिस्सा यूएई सरकार से जुड़ी एक कंपनी को 500 मिलियन डॉलर में बेच दिया, जिसका संचालन यूएई शाही परिवार का एक सदस्य करता है.

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यूएई की एक अन्य संस्था, एक सरकारी कोष, ने वर्ल्ड लिबर्टी द्वारा जारी स्टेबलकॉइन नामक डिजिटल मुद्रा के 2 बिलियन डॉलर का उपयोग करके ऑफशोर क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बिनेंस में निवेश किया. इससे ट्रंप कंपनी को, जिसने ये डॉलर प्राप्त किए, उन्हें बॉन्ड या मनी मार्केट फंड जैसे सुरक्षित निवेशों में लगाने और करोड़ों डॉलर का ब्याज अपने पास रखने की सुविधा मिली.

इसके कुछ ही समय बाद, ट्रंप प्रशासन ने बाइडन के कार्यकाल में लगाए गए प्रतिबंध को पलट दिया और संयुक्त अरब अमीरात को उन्नत अमेरिकी चिप्स तक पहुंच प्रदान कर दी. बाद में, बाइनेंस के संस्थापक चांगपेंग झाओ को ट्रंप से क्षमादान मिल गया, हालांकि उन्होंने बाल यौन शोषण, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद से जुड़े धन को स्थानांतरित करने के लिए अपने प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले अपराधियों को रोकने में विफल रहने का अपराध स्वीकार किया था.

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व्हाइट हाउस ने भी मना किया

क्रिप्टोकरेंसी,ट्रंप के चेहरे की छाप वाले स्मृति चिन्ह जैसे "मीम" सिक्कों को लेकर भी ट्रंप फैमिली पर आरोप लगे पर, व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप "नैतिक रूप से सही तरीके से" काम करते हैं और इसके विपरीत कोई भी सुझाव या तो "गलत जानकारी पर आधारित या दुर्भावनापूर्ण" है. उसने दोहराया कि उनकी संपत्ति उनके बच्चों द्वारा प्रबंधित एक ट्रस्ट में है और कहा कि पारिवारिक व्यापारिक सौदों में उनकी "कोई भागीदारी नहीं" है.
प्रवक्ता अन्ना केली ने कहा, "हितों का कोई टकराव नहीं है."

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