- नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार किया गया है
- सितंबर 2022 के Gen-Z आंदोलन में 77 लोग मारे गए थे और जांच आयोग ने आपराधिक लापरवाही के आरोप लगाए थे
- बालेन शाह के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कैबिनेट ने आयोग की सिफारिशें लागू करने का फैसला किया था
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया गया है. यह गिरफ्तारी नेपाल में बालेन शाह के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के एक दिन बाद हुई है. दोनों को पिछले साल सितंबर में हुए Gen-Z आंदोलन को दबाने और गैर-इरादतन हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
सितंबर में हुए Gen-Z आंदोलन के बाद स्पेशल कोर्ट के पूर्व जज बहादुर कार्की की अगुवाई में एक जांच आयोग बनाया गया था. आयोग ने सिफारिश की थी कि केपी शर्मा ओली, रमेश लेखक और तत्कालीन आईजी चंद्र कुबेर खापुंग पर आपराधिक लापरवाही के लिए नेशनल पीनल कोड की धारा 181 और 182 के तहत आरोप लगाए जाएं, जिसमें 10 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है. आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि हिंसा बढ़ने की आशंका की पहले से खुफिया जानकारी थी लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कई लोगों की जान चली गई. Gen-Z आंदोलन में 77 लोग मारे गए थे.
शुक्रवार को बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद उन्होंने कैबिनेट बैठक में आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला लिया. गिरफ्तारियों से पहले बालेन के गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने शुक्रवार आधीरात को सिक्योरिटी चीफ के साथ चर्चा की थी. इसके बाद ही शनिवार तड़के पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों की गिरफ्तारियों को बालेन शाह के चुनावी वादे से जोड़कर देखा जा रहा है.
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क्या थे बालेन शाह के चुनावी वादे?
बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने अपने घोषणापत्र में 'सुशासन' वादा किया था. उनका पहला वादा संसद में भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे आगे खड़े होने का है.
उनकी पार्टी के सबसे प्रमुख वादों में से एक भ्रष्टाचार से निपटना है. RSP ने 1990 के दशक से सत्ता में रहे लोगों की संपत्तियों की जांच करने और अवैध रूप से हासिल की गई किसी भी संपत्ति का राष्ट्रीयकरण करने का वादा किया है. बालेन शाह ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि वह राष्ट्रीय हित से जुड़े किसी भी मामले में कोई समझौता नहीं करेंगे.
उन्होंने नेपाल की न्यायपालिका में सुधार करने, जजों की राजनीतिक नियुक्तियों को खत्म करने और पारदर्शिता के लिए मुकदमों की लाइव-स्ट्रीमिंग करवाने का वादा भी किया था.
नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता का लंबा इतिहास रहा है. इस कारण उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है. बालेन शाह ने अर्थव्यवस्था को हर साल 7% की दर से बढ़ाने का वादा किया है, ताकि देश अगले 5 से 7 साल के भीतर 100 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सके.
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कौन हैं बालेन शाह?
35 साल के बालेन शाह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री हैं. उनका जन्म 1990 में काठमांडू के गैर गाउन में हुआ था. राम नारायण शाह आयुर्वेद के डॉक्टर हैं और मां का नाम ध्रुवदेवी शाह है. बालेन शाह ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और वह रैपर भी हैं. मई 2022 में वह नेपाल की राजधानी काठमांडू के मेयर बने थे.
5 मार्च को हुए आम चुनावों में बालेन शाह ने झापा-5 सीट से नेपाल के पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली को भारी अंतर से हराया था. उनकी पार्टी ने चुनावों में जबरदस्त जीत हासिल की थी. नेपाली संसद प्रतिनिधि सभा की कुल 275 सीटों में से 182 सीटें RSP ने जीती थी.
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