भारत पर अफगानी कंधे से बंदूक चलाने का आरोप लगाते पाकिस्तान को तालिबान ने दिया करारा जवाब

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मोहम्मद याकूब ने कहा कि पाकिस्तान के आरोप "निराधार, बिना तर्क के और अस्वीकार्य" हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि काबुल अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार नई दिल्ली के साथ संबंधों को "मजबूत" करने के लिए तत्पर है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर और अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मोहम्मद याकूब
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • तालिबान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया कि भारत ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान झड़पों में कोई भूमिका निभाई है
  • तालिबान रक्षा मंत्री मोहम्मद याकूब ने कहा कि पाकिस्तान के आरोप निराधार और बिना तर्क के हैं तथा अस्वीकार्य हैं
  • याकूब ने कहा कि अफगानिस्तान भारत के साथ अपने संबंधों को राष्ट्रीय हितों के अनुसार मजबूत करने के लिए तत्पर है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

अफगानिस्तान के शासन को संभालने वाले तालिबान ने इस्लामाबाद के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालिया झड़पों में भारत ने कोई भूमिका निभाई है. हाल ही में एक इंटरव्यू में, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मोहम्मद याकूब ने कहा कि पाकिस्तान के आरोप "निराधार, बिना तर्क के और अस्वीकार्य" हैं. साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि काबुल अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार नई दिल्ली के साथ संबंधों को "मजबूत" करने के लिए तत्पर है.

तालिबान के संस्थापक दिवंगत मुल्ला उमर के बेटे याकूब ने अल जजीरा से बात करते हुए कहा, "ये आरोप निराधार हैं. हमारी नीति कभी भी अन्य देशों के खिलाफ अपनी जमीन का उपयोग करने में शामिल नहीं होगी. हम एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में भारत के साथ संबंध बनाए रखते हैं और अपने राष्ट्रीय हितों के ढांचे के भीतर उन संबंधों को मजबूत करेंगे." 

मोहम्मद याकूब ने पाकिस्तान के साथ भी अच्छे संबंध बनाने की उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा, "साथ ही, हम अच्छे पड़ोसी के आधार पर पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को बनाए रखेंगे. हमारा उद्देश्य संबंधों का विस्तार करना है, तनाव पैदा करना नहीं. पाकिस्तान के आरोप निराधार, अतार्किक और अस्वीकार्य हैं."

कभी इस्लामाबाद के बेहद करीबी माने जाने वाले याकूब ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान के साथ शांति समझौते को जारी रखने के लिए आपसी सम्मान और प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, "कतर और तुर्की को इसके कार्यान्वयन में सहायता और निगरानी करनी चाहिए. समझौता तभी मान्य होगा जब कोई देश दूसरे के क्षेत्र का उल्लंघन नहीं करेगा."

Advertisement

उधर मुनीर ने फिर उगला जहर

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी सेना के प्रमुख आसिम मुनीर ने 21 अक्टूबर को जनरल हेडक्वाटर में 17वीं राष्ट्रीय कार्यशाला बलूचिस्तान के प्रतिभागियों के साथ बातचीत की. यहां उन्होंने भारत के खिलाफ निराधार आरोप लगाते हुए जहर उगलने का काम किया. पाक सेना की तरफ से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार यहां मुनीर ने इस बात पर जोर दिया कि “भारत प्रायोजित प्रॉक्सी ग्रुप” फितना अल-हिंदुस्तान और फितना अल-ख़्वारिज ने “हिंसा फैलाने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से” जनविरोधी और विकास विरोधी एजेंडे का प्रचार किया. कमाल है कि आंतकवाद के समंदर में डूबा पाकिस्तान अपने यहां हिंसा रोक पाने में पूरी तरफ विफल साबित हो रहा है और हताशा में भारत पर बिना सिर पैर के आरोप लगा रहा है.

Featured Video Of The Day
Iran Israel War में US की ताकतवर वापसी! लॉन्ड्री में आग लगने के बाद USS Gerald R. Ford फिर से शामिल
Topics mentioned in this article