भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 7 साल बाद चीन की जमीं पर हैं. पीएम मोदी ने रविवार, 31 अगस्त को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ महत्वपूर्ण द्वि-पक्षीय बैठक की. अब बारी है शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होने की. इन शिखर सम्मेलन को आपके लिए नजदीक से फॉलो करने के लिए एनडीटीवी भी चीनी शहर तियानजिन में पहुंचा हुआ है जहां यह महाबैठक होने वाली है. यहां स्वागत समारोह स्थल पर एक चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट को रखा गया है, जिसका नाम जिओ हे है. एनडीटीवी ने महिला की तरह दिखने वाले इस ह्यूमनॉइड रोबोट से कुछ सवाल पूछे. रोबोट तीन भाषाएं बोल सकता है - अंग्रेजी, रूसी और चीनी.
जब इस रोबोट से बात शुरू की गई तो इस रोबोट ने कहा, "मैं आज अपनी अधिकतम क्षमता से काम कर रही हूं. पूछने के लिए धन्यवाद."
भारत पर पर जब रोबोट से उसके विचार पूछे गए तो उस रोबोट ने अंग्रेजी में कहा, "AI सर्विस रोबोट के रूप में, मैं देशों या राजनीति के बारे में व्यक्तिगत राय नहीं देती." हालांकि उसने SCO शिखर सम्मेलन के कई पहलुओं के बारे में जानकारी दी. साथ ही बताया है कि इस शिखर सम्मेलन से इतर यहां और कौन सी बैठकें होने की उम्मीद की जा सकती है.
अब जानिए इस रोबोट को
जिओ हे एक अत्यधिक विशिष्ट (स्पेशलाइज्ड) सर्विस रोबोट है, जिसे तियानजिन में 2025 एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए ही बनाया गया है. यह ह्यूमनॉइड AI असिस्टेंट है जो तीन भाषाओं में सहायता प्रदान कर सकता है, रियल टाइम में जानकारी को प्रोसेस कर सकता है और प्रोटोकॉल-अनुरूप तरीके से बातचीत कर सकता है.
जिनपिंग के साथ द्वि-पक्षीय बैठक, अब बारी SCO की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने स्वागत स्थल पर गर्मजोशी से स्वागत किया. पीएम मोदी को शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन से हाथ मिलाते देखा गया. इसके बाद वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित अन्य विश्व नेताओं के साथ एक ग्रुप फोटो के लिए शामिल हुए. इस तस्वीर में राष्ट्रों के बीच एकता और सहयोग के क्षण को कैद किया गया.
एससीओ शिखर सम्मेलन का आधिकारिक कार्यक्रम कल यानी सोमवार से शुरू होगा. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, इससे पहले आज, पीएम मोदी ने कई द्विपक्षीय बैठकें कीं, जिनमें शी के साथ एक बैठक भी शामिल थी, जहां दोनों नेताओं ने वैश्विक व्यापार को स्थिर करने में भारत और चीन की अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका को मान्यता दी.