- भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते की घोषणा की है.
- विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ वाशिंगटन डीसी में उच्च स्तरीय बैठक की.
- बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को प्रगाढ़ करना और आर्थिक साझेदारी को विकसित करना था.
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए, दोनों देशों ने एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते की घोषणा की है. इस ऐतिहासिक कदम के बीच, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ एक उच्च स्तरीय और "उपयोगी चर्चा" की. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को प्रगाढ़ करना और आर्थिक साझेदारी को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना था.
बैठक के समापन के बाद, डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लिखा कि अमेरिकी वित्त मंत्री के साथ हुई इस बातचीत में भारत-अमेरिका के आर्थिक हितों और आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने पर सार्थक विमर्श हुआ. यह समझौता न केवल दोनों देशों के बाजारों के लिए नए द्वार खोलेगा, बल्कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत और अमेरिका के रणनीतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा.
जयशंकर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका के दौरे पर हैं और बुधवार को रुबियो द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण खनिजों पर मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे. विदेश मंत्रालय ने बताया था कि इस दौरे के दौरान जयशंकर अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे.
बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता हो चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच फोन कॉल के बाद इस डील का ऐलान हुआ. अब अमेरिका के अंदर भारतीय सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ की जगह केवल 18 प्रतिशत का टैरिफ लगेगा.














