बिश्केक में SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक, राजनाथ सिंह शिरकत के लिए पहुंचे

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कल होने वाली SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए बिश्केक (किर्गिस्तान) पहुंचे. वे SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान प्रमुख सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • रक्षा मंत्री राजनाथ शंघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत का नेतृत्व करेंगे
  • बैठक में मिडिल ईस्ट के तनाव सहित क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने के मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी
  • भारत इस मंच पर वैश्विक शांति के प्रति प्रतिबद्धता और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को प्रस्तुत करेगा
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की अहम बैठक में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए हैं. रक्षा मंत्री कार्यालय (RMO India) की ओर से जानकारी दी गई है कि यह बैठक 28 अप्रैल को आयोजित की जाएगी, जिसमें राजनाथ सिंह भारत का नेतृत्व करेंगे. यह बैठक ऐसे वक्त हो रही है, जब मिडिल ईस्ट में जारी तनाव की वजह से वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं. ऐसे में चीन, रूस, ईरान सहित कुल 10 सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की यह बैठक अहम मानी जा रही है.

क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद पर रहेगा फोकस

बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है. सदस्य देशों के रक्षा मंत्री अपने‑अपने विचार साझा करेंगे, जिसमें आतंकवाद से निपटने पर विशेष जोर रहेगा. इसके साथ ही रक्षा सहयोग को और मजबूत करने, आपसी रणनीति और अंतरराष्ट्रीय शांति से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत होगी. पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर वैश्विक हालात पर साफ दिख रहा है. ऐसे में एससीओ का यह मंच शांति बनाए रखने के उपायों और संघर्ष के असर को कम करने जैसे पहलुओं पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस पृष्ठभूमि में बिश्केक में होने वाली यह बैठक खास मानी जा रही है.

भारत का रुख और जीरो टॉलरेंस नीति

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस मंच पर भारत का पक्ष रखेंगे और वैश्विक शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराएंगे. भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को भी मजबूती से उठाए जाने की उम्मीद है. इसके साथ ही, भारत की आपसी सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता के समर्थन की नीति पर भी जोर दिया जाएगा. बैठक के इतर रक्षा मंत्री की अन्य सदस्य देशों के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं।इन बैठकों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग समेत आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.

Advertisement

क्या है SCO और भारत की भूमिका

शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना 15 जून 2001 को शंघाई में हुई थी. इस संगठन में भारत, रूस, चीन और पाकिस्तान के साथ‑साथ कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं। भारत 2017 में इस संगठन का पूर्ण सदस्य बना था. इसके बाद संगठन में भारत की भूमिका लगातार बढ़ी है. भारत ने 2023 में एससीओ की अध्यक्षता भी संभाली थी, जिसके दौरान कई अहम पहल की गई थीं. अब बिश्केक में होने वाली यह बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को नई दिशा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
 

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | West Bengal Election 2026 | बंगाल में Yogi की दहाड़, 4 मई के बाद 'गुंडागर्दी' खत्म