पाकिस्तान में हिंदू लड़की के अपहरण को लेकर किया गया विरोध प्रदर्शन

एचआरएफपी एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) है जिसकी स्थापना 1994 में धार्मिक अल्पसंख्यकों, महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान देने के साथ मानवाधिकारों के प्रचार और संरक्षण के लिए की गई थी.

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प्रिया कुमारी का कुछ ही दिन पहले सुक्कुर से अपहरण हुआ था.
डेरा मुराद जमाली:

डेरा मुराद जमाली में हिंदू समुदाय के सदस्यों और व्यापारियों ने हाल ही में एक युवा लड़की प्रिया कुमारी के अपहरण की निंदा करते हुए प्रदर्शन किया. डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कुमारी का पता लगाने और उसे बचाने में विफलता पर निराशा व्यक्त की. प्रिया कुमारी का कुछ ही दिन पहले सुक्कुर से अपहरण हुआ था और उसके बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है. हिंदू समुदाय के वरिष्ठ नेताओं मुखी माणक लाल और सेठ तारा चंद के नेतृत्व में रैली निकाली गई. जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों से नाता रखने वाले लोगों ने हिस्सा लिया.

नेताओं ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह से लड़की की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने और अल्पसंख्यक समुदाय को न्याय दिलाने के लिए तत्काल और निर्णायक कार्रवाई करने का आग्रह किया. उन्होंने अपनी मांगों को अनसुना करने पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की कड़ी चेतावनी भी दी.

ह्यूमन राइट्स फोकस पाकिस्तान (एचआरएफपी) ने भी पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के धार्मिक उत्पीड़न की कड़ी निंदा की है और सरकार से सभी समुदायों के लिए समान स्थिति का कानून लाने का आग्रह किया है.

एचआरएफपी ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान विभिन्न हमलों में ईसाई, हिंदू, अहमदिया, सिख और अन्य समुदायों के कई लोग पीड़ित हुए हैं.

एचआरएफपी एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) है जिसकी स्थापना 1994 में धार्मिक अल्पसंख्यकों, महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान देने के साथ मानवाधिकारों के प्रचार और संरक्षण के लिए की गई थी.

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