भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिनों की इजरायल यात्रा पर तेल अवीव पहुंच गए हैं. यहां बेन गुरियन एयरपोर्ट पर प्लेन लैंड करने पर पीएम मोदी को रिसीव करने खुद इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू पहुंचे. यह 2017 की ऐतिहासिक यात्रा के बाद पीएम मोदी की दूसरी इजरायल यात्रा है.
पीएम मोदी आज ही शाम को येरुशलम जाएंगे और इजरायल की संसद केनेस्सेट को संबोधित करेंगे. यह एक दुर्लभ सम्मान है, जो दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच राजनीतिक सौहार्द को दर्शाता है. इससे पहले, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 2015 में नेसेट को संबोधित किया था, जो किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की इजरायल की पहली यात्रा थी.
इसके बाद पीएम मोदी येरूशलम में आयोजित एक टेक्नोलॉजी और इनोवेशन प्रदर्शनी का दौरा करेंगे. पीएम बेंजामिन नेतन्याहू प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में एक प्राइवेट डिनर (Private Dinner) की मेजबानी करेंगे, जहां दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक विचार-विमर्श होने की उम्मीद है.
क्यों खास है यह दौरा?
पीएम मोदी का यह दूसरा इजरायल दौरा अपने आप में ऐतिहासिक महत्व रखता है. 2017 से पहले कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री इजरायल नहीं आया था. मौजूदा कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच पीएम मोदी का आना विशेष संदेश देता है. पीएम मोदी के इस दौरे में भारत और इजरायल के बीच एक बड़े सुरक्षा समझौते का नया MoU साइन होने की उम्मीद है. इस समझौते में संवेदनशील टेक्नोलॉजी शेयरिंग और संयुक्त उत्पादन पर जोर दिया जाएगा. इससे भारत की सैन्य ताकत कई गुना बढ़ जाएगी.
फोर्ब्स इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल 2026 में भारत के साथ $8.6 बिलियन के हथियारों के सौदे पर सहमत हो गया है, जिससे वह फ्रांस के बाद भारत का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर बन जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, $8.6 बिलियन के इन सौदों में राफेल द्वारा बनाए गए SPICE 1000 प्रिसिजन गाइडेंस बम, रैम्पेज एयर-टू-सरफेस मिसाइल (250 km रेंज), एयर लोरा एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल और आइसब्रेकर मिसाइल सिस्टम (300km रेंज) शामिल हैं.














