PM मोदी ने चीन के सामने उठाया पाकिस्तान के सीमा पार आतंक वाला सवाल, शी जिनपिंग ने दिया यह जवाब

PM Modi Xi Jinping Meeting: प्रधानमंत्री मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन में हैं. यहां उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्वि-पक्षीय वार्ता की है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक द्विपक्षीय वार्ता में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय वार्ता के दौरान आतंकवाद पर चर्चा की.
  • विदेश मंत्रालय के अनुसार चीन ने आतंकवाद से लड़ने में भारत को समर्थन देने की प्रतिबद्धता जताई.
  • विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे को स्पष्ट और विशेष रूप से उठाया.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

चीन पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 31 अगस्त को एक द्विपक्षीय वार्ता में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. इस बैठक में बातचीत के दौरान चीन ने आतंकवाद से लड़ने में भारत को समर्थन देने की बात कही है. विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है. 

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने रिपोर्टरों से से कहा, "विशेष विवरण में जाए बिना मैं केवल इतना कहूंगा कि इस मुद्दे पर चर्चा हुई, प्रधान मंत्री ने इसे उठाया. उन्होंने अपनी समझ को बहुत स्पष्ट रूप से और विशेष रूप से रेखांकित किया. उन्होंने इस तथ्य को रेखांकित किया कि यह वह संकट है जिसके शिकार भारत और चीन, दोनों हैं."

विदेश सचिव ने बताया, "उन्होंने (पीएम मोदी) इस मुद्दे पर चीन से समर्थन मांगा - चीन ने अपना समर्थन व्यक्त किया है."

"प्रधानमंत्री ने सीमा पार आतंकवाद को प्राथमिकता के रूप में उल्लेख किया था. उन्होंने इस तथ्य को रेखांकित किया कि यह कुछ ऐसा है जो भारत और चीन दोनों को प्रभावित करता है, और इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम एक-दूसरे को समझ और समर्थन दें क्योंकि हम दोनों सीमा पार आतंकवाद का मुकाबला करते हैं. मैं वास्तव में यह कहना चाहूंगा कि चीन की तरफ से इस मुद्दे को समझने और इसपर उसका सहयोग प्राप्त हुआ है. हमने चल रहे एससीओ शिखर सम्मेलन के संदर्भ में सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे से निपटा है."- विदेश सचिव विक्रम मिस्री

व्यापार से क्षेत्रीय चुनौतियों तक, मोदी-जिनपिंग मुलाकात रही अहम

भारत की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने तथा व्यापार घाटे में कमी लाने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने आतंकवाद और बहुपक्षीय मंचों पर निष्पक्ष व्यापार जैसे द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों तथा चुनौतियों पर साझा आधार का विस्तार करने की सहमति व्यक्त की.

मोदी ने टेलीविजन पर प्रसारित अपने वक्तव्य में कहा, “हमारा सहयोग दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हितों से जुड़ा है. इससे समस्त मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा.”

विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि पीएम मोदी और शी ने विश्व व्यापार को स्थिर करने में दोनों अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका को स्वीकार किया और द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संबंधों को बढ़ावा देने तथा व्यापार घाटे में कमी लाने के लिए राजनीतिक और रणनीतिक रूप से आगे बढ़ने की आवश्यकता को रेखांकित किया. बयान में कहा गया है, “प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और चीन दोनों ही सामरिक स्वायत्तता चाहते हैं तथा उनके संबंधों को किसी तीसरे देश के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए.”

Advertisement

इसमें कहा गया है, “दोनों नेताओं ने आतंकवाद और बहुपक्षीय मंचों पर निष्पक्ष व्यापार जैसे द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों तथा चुनौतियों पर साझा आधार को विस्तार देने को आवश्यक बताया.”

यह भी पढ़ें: 'भारत को कमतर आंकना...': मोदी-जिनपिंग मुलाकात के बीच अमेरिकी एक्सपर्ट ने बताया ट्रंप कहां कर गए ब्लंडर

Advertisement
Featured Video Of The Day
Bihar Election 2025: Prashant Kishore ने क्यों नकारा Vote अधिकार यात्रा का असर? | Exclusive