डोनाल्‍ड ट्रंप की हत्‍या की साजिश रचने के आरोप में पाकिस्‍तानी दोषी करार

डोनाल्‍ड ट्रंप की हत्या के लिए ईरान के अधिकारियों के साथ साजिश रचने के आरोपी में पाकिस्तान के नागरिक आसिफ मर्चेंट को ब्रुकलिन की एक अदालत ने दोषी पाया है.

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  • न्यूयॉर्क की एक अदालत ने PAK नागरिक आसिफ मर्चेंट को डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रचने का दोषी पाया है.
  • मर्चेंट ने गवाही में बताया कि ईरानी खुफिया एजेंटों ने उसे ट्रंप-बाइडेन को निशाना बनाने के लिए मजबूर किया था.
  • मर्चेंट पर आरोप है कि उसने कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए अमेरिका में भर्ती करने की कोशिश की थी.
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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध के बीच न्यूयॉर्क की अदालत ने एक पाकिस्तानी नागरिक को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रचने के मामले में दोषी करार दिया है. ट्रंप की हत्या के लिए ईरान के अधिकारियों के साथ साजिश रचने के आरोपी में पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट को ब्रुकलिन की एक अदालत ने दोषी पाया है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, संघीय जिला न्यायालय ने मर्चेंट को आतंकवाद के प्रयास और हत्या को लेकर सुपारी देने का दोषी पाया.

इससे पहले, न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, मर्चेंट ने गवाही दी थी कि ईरानी खुफिया एजेंटों ने उसे डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन को निशाना बनाने की साजिश में शामिल होने के लिए मजबूर किया था. आसिफ मर्चेंट ने बुधवार को अदालत में अपना बयान देते हुए दावा किया कि उसे अपने रिश्तेदारों की सुरक्षा के लिए इस योजना में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया था. 

मेरे पास कोई विकल्‍प नहीं था: मर्चेंट 

ब्रुकलिन फेडरल कोर्ट में अपनी गवाही के दौरान मर्चेंट ने कहा कि वह ऐसा करने के लिए विवश महसूस कर रहा था. मर्चेंट ने जूरी को बताया, "मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था. मेरे परिवार को धमकी दी गई थी." आरोपी एक पूर्व बैंकर है, उसने कथित तौर पर हत्यारों के वेश में दो गुप्त एफबीआई एजेंटों को 5,000 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया था. 

न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, मर्चेंट ने दावा किया कि अप्रैल 2024 में एक ईरानी एजेंट ने उसे अमेरिका जाने का निर्देश दिया था, जिससे वह 'शायद किसी की हत्या करवा सके.' हालांकि एजेंट ने शुरू में किसी एक व्यक्ति का नाम नहीं बताया था, लेकिन मर्चेंट ने गवाही दी कि उसे तीन नाम बताए गए थे. 
मर्चेंट ने बताया, "उसने मुझे ठीक-ठीक नहीं बताया कि वह कौन है, लेकिन उसने मुझे तीन लोगों के नाम बताए: डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडेन और निक्की हेली."

साथ ही आसिफ मर्चेंट पर आरोप था कि उसने 2020 में ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए ट्रंप और अन्य लोगों को निशाना बनाने की योजना के लिए अमेरिका में लोगों को भर्ती करने की कोशिश की थी. 

राष्‍ट्रपति चुनाव के उम्‍मीदवार थे ट्रंप-बाइडेन 

उस वक्‍त ट्रंप और बाइडेन 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में सबसे आगे चल रहे थे. मर्चेंट ने दावा किया कि वह मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए ईरान के शासन को प्रतिबंधों से बचने में मदद कर रहा था. न्यूयॉर्क पोस्ट ने बताया कि उसने अपने सहायक की पहचान मेहरदाद यूसुफ के रूप में की, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर का सदस्य था. यह मुकदमा और फैसला ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले जारी हैं. ईरान भी विभिन्‍न देशों में अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाकर जवाबी हमले कर रहा है. 

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इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में अमेरिका द्वारा चलाए जा रहे सैन्य अभियानों की प्रशंसा की. साथ ही दावा किया कि ईरान ने अपने नेताओं के साथ-साथ अपनी सेना, नौसेना और संचार व्यवस्था खो दी है. उन्होंने व्हाइट हाउस में एक सम्‍मेलन के दौरान ये टिप्पणियां कीं. 

ट्रंप ने कहा, "हम ईरान में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. किसी ने पूछा, आप इसे जीरो से 10 के पैमाने पर कितने अंक देंगे? मैंने कहा कि मैं इसे 12 से 15 के बीच अंक दूंगा. उनकी सेना खत्म हो गई है. उनकी नौसेना खत्म हो गई है. उनकी संचार व्यवस्था खत्म हो गई है. उनके नेता खत्म हो गए हैं. उनके दो दल के नेता खत्म हो चुके हैं. अब उनके पास केवल तीसरा दल बचा है. उनकी वायुसेना पूरी तरह नष्ट हो गई है. सोचिए. उनके पास 32 जहाज थे. वे सभी 32 जहाज समुद्र की तलहटी में डूब गए हैं."

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