ईरान और अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर रखा है. इस वजह से दुनियाभर में तेल और गैस की किल्लत हो रही है. इस बीच पाकिस्तान ने ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका दे दिया है. दरअसल अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी कर दी है. इस वजह से कोई भी जहाज इस इलाके में न जा सकता है और वहां से बाहर निकल सकता है.
इस माहौल में पाकिस्तान सरकार ने ईरान के लिए 6 ऐसे रास्ते खोल दिए हैं जो जमीन से ईरान की ओर जाते हैं. अब पाकिस्तान इस रास्ते के जरिए ईरान से सामान लाएगा और पाक बंदगाहों पर फंसे ईरान के कंटेनर को भेजेगा. इस रास्ते को खोलने के लिए पाकिस्तान ने बकायदा एक वैधानिक नियामक आदेश जारी किया है.
कौन से रूट से सामान भेजेगा पाक?
- ग्वादर-गबद
- कराची/पोर्ट कासिम-ल्यारी-ओरमारा-पासनी-गबद
- कराची/पोर्ट कासिम- खुजदार-दलबंदिन-ताफ्तान
- गवादर-तुर्बत-होशब-पंजगुर-नग्ग-बेसिमा-खुजदार-क्वेटा/लकपास-दलबंदिन-नोकुंडी-ताफ्तान
- ग्वादर-लियारी-खुजदार-क्वेटा/लकपास-दलबंदिन-नोकुंडी-ताफ्तान
- कराची/ पोर्ट कासिम - ग्वादर - गबद
अमेरिका की पीठ में छुरा?
पाकिस्तान के इस कदम से अब ट्रंप पर सवाल उठने लगे हैं. कहा जा रहा है कि एक ओर अमेरिका पाकिस्तान को ईरान के साथ बातचीत में तव्ज्जो दे रहा है लेकिन पाकिस्तान पीठ पीछे खेल रच रहा है.थिंक टैंक रैंड कार्पोरेशन से जुड़े और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ डेरेक जे ग्रॉसमैन ने एक्स पर पाकिस्तान के इस प्लान पर टिप्पणी की है.
उन्होंने लिखा, "ट्रंप प्रशासन, आप मुसीबत में हैं. आपके अच्छे दोस्त पाकिस्तान ने ईरान के लिए छह जमीनी रास्ते खोल दिए हैं, जिससे ईरान को होर्मुज स्ट्रेट में आपके काउंटर-ब्लॉकेड को बायपास करने में मदद मिलेगी. इससे ईरान को US के दबाव का सामना करने में मदद मिलेगी. इस्लामाबाद ने एक बार फिर अमेरिका के साथ डबल डील कर दिया है."
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