'पाकिस्तानियों ने ट्रंप की खूब चापलूसी की', मेहदी हसन ने NDTV से कहा; शहबाज-मुनीर पर भी बोले

अमेरिका और पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकियों पर Zeteo के सीईओ मेहदी हसन ने कहा कि पाकिस्तानियों ने डोनाल्ड ट्रंप की खूब चापलूसी की है और इसमें उन्होंने अच्छा काम किया है.

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शहबाज शरीफ और डोनाल्ड ट्रंप. (फाइल फोटो)
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  • पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है, लेकिन दोनों पक्षों में सुलह नहीं हो पा रही है
  • मेहदी हसन ने कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चापलूसी करके अपने संबंध मजबूत किए हैं
  • पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने ओवल ऑफिस में ट्रंप से वन टू वन मुलाकात की, जो अभूतपूर्व है
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नई दिल्ली:

अमेरिका और ईरान की लड़ाई में पाकिस्तान चौधरी बन रहा है. पाकिस्तान दोनों में सुलह करवाने की भरपूर कोशिश कर रहा है. हालांकि, उसकी दाल गल नहीं पा रही है. अमेरिका और ईरान में पहले दौर की बातचीत फेल होने के बाद पाकिस्तान अब दूसरे दौर की बातचीत की तैयारी कर रहा है. इस बीच Zeteo के एडिटर-इन-चीफ और सीईओ मेहदी हसन ने कहा कि पाकिस्तानी ट्रंप की चापलूसी कर रहे हैं. 

मेहदी हसन ने NDTV को दिए खास इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ नजदीकी बढ़ाने में बहुत अच्छा काम किया है.

उनकी यह टिप्पणियां ऐसे समय आई है, जब ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया है. जबकि ट्रंप सरकार बातचीत के लिए बेताब हो रही है. ट्रंप ने तो यहां तक कह दिया था कि उनके प्रतिनिधि दूसरे दौर की बातचीत के लिए इस्लामाबाद जा रहे हैं. हालांकि, अभी भी बातचीत को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. 

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'पाकिस्तानियों ने ट्रंप की खूब चापलूसी की'

इस बीच मेहदी हसन ने पाकिस्तान की कूटनीतिक स्थित पर कहा कि 'पाकिस्तानी लोग ट्रंप के बहुत करीब हो गए हैं और उनकी खूब चापलूसी की. यह एक समझदारी भरा कदम था.'

उन्होंने आगे कहा, 'हमने शहबाज शरीफ को बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में यह कहते हुए सुना कि 'हम उन्हें नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट करने जा रहे हैं.' उन्हें अच्छी तरह से पता है कि डोनाल्ड ट्रंप को अपने साथ लाने के लिए उन्हें कौन सी नस दबानी है.'

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उन्होंने तर्क दिया कि इसका मतलब हुआ ट्रंप सरकार में विदेश नीति व्यक्तिगत तालमेल पर ज्यादा चल रही है. हसन ने कहा, 'यह साझा हितों या साझा मूल्यों के बारे में नहीं है. यह इस बारे में है कि कौन उनकी सबसे ज्यादा तारीफ करता है. उनके साथ सही गठबंधन बनाने के लिए यह साझा हितों या साझा मूल्यों के बारे में नहीं है.' 

अमेरिका और पाकिस्तान के बदलते रिश्तों के केंद्र में आसिम मुनीर हैं. हसन ने ओवल ऑफिस में ट्रंप के साथ मुनीर की मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि एक पाकिस्तानी जनरल के लिए यह अभूतपूर्व है. 

उन्होंने कहा, 'बात इस पर है कि सबसे ज्यादा चापलूसी कौन करता है और पाकिस्तानियों ने यह काम बहुत अच्छे से किया है. मुझे लगता है कि अगर इन बातचीत से कोई डील निकलती है तो फील्ड मार्शल मुनीर और भी करीब हो जाएगा. मैं याद दिलाना चाहूंगा कि फील्ड मार्शल मुनीर इतिहास के पहले पाकिस्तानी जनरल थे जिन्होंने ओवल ऑफिस में अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ वन टू वन मीटिंग की थी.'

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कुछ घंटों में नहीं हो सकती कोई डीलः हसन

मेहदी हसन ने इस बात को भी खारिज कर दिया कि बातचीत की जगह कोई भी हो और इस झगड़े को जल्दी सुलझाया जा सकता है. उन्होंने कहा, 'यह सोचना कि आप कुछ लोगों को किसी होटल के कमरे या कॉन्फ्रेंस रूम में एक वीकेंड के लिए इकट्ठा करके इस मसले को सुलझा सकते हैं तो यह बिल्कुल बेतुकी बात है.'

इसके लिए उन्होंने अमेरिका-ईरान के बीच हुए जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (JCPOA) के पीछे चली लंबी बातचीत का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि इस समझौते में दुनिया की कई बड़ी ताकतें शामिल थीं. इसमें जॉन केरी और मोहम्मद जवाद जरीफ जैसे अधिकारियों के बीच लगातार बातचीत हुई थी.

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उन्होंने कहा, 'आप यह डील कुछ ही घंटों में नहीं कर सकते, जैसा जेडी वेंस करना चाहते हैं. लेकिन अगर इसमें महीनों या साल लगने वाले हैं तो फिर बाकी दुनिया का क्या होगा?' उन्होंने कहा कि अभी जो लीडरशिप है वह पिछली सरकारों के मुकाबले समझौता करने को कम तैयार है. उन्होंने कहा, 'यह सोचना कि वे अब आसानी से मान जाएंगे. बिल्कुल बेबुनियाद है.'

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अमेरिका-ईरान में बातचीत की उम्मीद नहीं

ईरान की सरकार का कहना है कि अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत में शामिल होने का फैसला अभी तक नहीं लिया गया है. ईरान का कहना है कि धमकियों के बीच बातचीत नहीं हो सकती. वहीं, अमेरिका ने ईरान पर होर्मुज में जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है. 

अमेरिका और ईरान के बीच जो दो हफ्ते का सीजफायर हुआ था, उसकी मियाद मंगलवार को खत्म हो रही है. ट्रंप ने इस सीजफायर को आगे और न बढ़ाने के संकेत दिए हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका की नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक ईरान कोई डील नहीं कर लेता.

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