पश्चिम एशिया में सुलगती जंग की आग अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को झुलसाने लगी है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कैबिनेट बैठक में इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि ईरान और अमेरिका के बीच छिड़े युद्ध ने पाकिस्तान की दो सालों की आर्थिक प्रगति को बड़ा झटका दिया है. शरीफ ने साफ किया कि अगर यह तनाव जल्द नहीं थमा, तो पाकिस्तान के लिए आने वाले दिन और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं.
तेजी से बढ़ता तेल का बिल और आर्थिक संकट
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि ईरान अमेरिका युद्ध के कारण पाकिस्तान का तेल आयात बिल जो पहले 300 मिलियन डॉलर था, वह अब बढ़कर 800 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है.
शहबाज ने बताया कि हालात की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो हर दिन स्थिति की निगरानी कर रही है. शहबाज शरीफ ने जोर देकर कहा कि इस वैश्विक संकट से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है, क्योंकि पाकिस्तान अकेला इस आर्थिक झटके को झेलने की स्थिति में नहीं है.
दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर असर
गौरतलब है कि इस भीषण युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया था. इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई शीर्ष कमांडरों की मौत हो गई थी. इसके बाद शुरू जंग ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को या तो पीछे धकेल दिया है या स्थिर कर दिया है.
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