Explainer: पाकिस्तान चुनाव...इमरान आउट तो किसका पलड़ा भारी? यहां समझें PAK चुनाव का पूरा गणित

Pakistan Elections: पाकिस्तान की कुल आबादी 24 करोड़ 15 लाख है और इनमें कुल 12 करोड़ 85 लाख वोटर हैं. ये मुख्य तौर पर तीन चेहरों पर दांव लगाएंगे. नवाज शरीफ, इमरान खान और बिलावल भुट्टो जरदारी...

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पाकिस्तान का 14 वां आम चुनाव चुनाव

Pakistan Elections: 8 फरवरी को पाकिस्तान में आम चुनाव (Pakistan General Eections) होने हैं. नेशनल असेंबली के साथ साथ प्रांतीय असेंबली के लिए भी वोट डाले जाएंगे. इस चुनाव पर पूरी दुनिया की नजर है. अमेरिका भी पाकिस्तान की चुनावी प्रक्रिया पर करीब से नजर रख रहा है.

पाकिस्तान का 14 वां आम चुनाव चुनाव
8 फरवरी को हो रहा चुनाव पाकिस्तान का 14 वां आम चुनाव चुनाव है. इसे क़ायदे से 2023 के अक्टूबर-नवंबर में हो जाना चाहिए था. लेकिन इसे कई महीने टाला गया. वजह ये बतायी गई कि सीटों के परिसीमन का काम पूरा नहीं हुआ था. पाकिस्तान नेशनल असेंबली में कुल 336 सीट है, जिसमें से 266 सीटों पर चुनाव होता है. 60 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित है और 10 सीटें गैर मुसलमानों के लिए आरक्षित है.

266 सीटों में से जो पार्टी जितनी सीटें जीत कर आती हैं, उसी के अनुपात में उनको महिला और गैर मुसलमानों के लिए आरक्षित सीटें मिलती हैं. इन सीटों के लिए अलग को कोई चुनाव नहीं होता है. अगर 266 सीटों के हिसाब से देखें तो सरकार बनाने के लिए 134 सीट चाहिए. 70 आरक्षित सीटों को जोड़ने के बाद यानि कुल 336 सीटों के लिहाज़ से देखें तो सरकार बनाने के लिए 169 सीट चाहिए. 

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पाकिस्तान में कुल चार प्रांत हैं. नेशनल असेंबली की जिन 266 सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें से 141 सीटें पंजाब में, 61 सीटें सिंध में, 45 सीटें ख़ैबरपख़्तूनख्वा में, 16 सीटें बलूचिस्तान में और 3 संघीय क्षेत्र इस्लामाबाद में है. यानि कि अकेले पंजाब की सीटें बाकी तीनों प्रांतों की कुल सीटों से भी अधिक है. इसलिए पंजाब में जो पार्टी बढ़िया प्रदर्शन करती है अक्सर सरकार उसी की बनती है.

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इस बार के चुनाव में तीन में तीन मुख्य पार्टियां मैदान में हैं. नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (PMLN), जिसका चुनाव चिन्ह शेर है. बिलावल भुट्टो ज़रदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी जिसका चुनाव चिन्ह तीर है. इमरान खान की पाकिस्तान तहरीके इंसाफ जिसका चुनाव चिन्ह क्रिकेट का बैट है. लेकिन उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया गया है.

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पीटीआई से छिना चुनाव चिन्ह
पाकिस्तान चुनाव आयोग का कहना है कि पीटीआई ने पार्टी संविधान के मुताबिक अपने आंतरिक चुनाव समय पर नहीं कराए. इसलिए चुनाव चिन्ह वापस लिया गया है. चुनाव आयोग के फैसले को पेशावर हाईकार्ट ने रोका. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे सही माना. यानि कि इमरान खान की पार्टी के उम्मीदवार बिना बैट के चुनाव मैदान में उतर रहे हैं. इनके अलग-अलग उम्मीदवारों को अलग अलग चुनाव चिन्ह दिए गए हैं. इससे पीटीआई को वोटों का नुक्सान होने का अंदेशा है.

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पाकिस्तान में  कुल 12 करोड़ 85 लाख वोटर 
पाकिस्तान की कुल आबादी 24 करोड़ 15 लाख है और इनमें कुल 12 करोड़ 85 लाख वोटर हैं. ये मुख्य तौर पर तीन चेहरों पर दांव लगाएंगे. नवाज शरीफ, इमरान खान और बिलावल भुट्टो जरदारी...

नवाज शरीफ के बारे में....
2018 चुनाव में नवाज शरीफ को अयोग्य करार दिया गया था और वे जेल में बंद थे. 2019 इलाज़ के लिए लंदन गए और फिर करीब 4 साल वहीं रहे. अक्टूबर 2023 में वे पाकिस्तान लौट आए और अब मैदान में हाथ आजमा रहे हैं. पीएमएल एन की पंजाब में अच्छी पैठ है, जहां सबसे अधिक सीट है.

इमरान खान के बारे में...
2018 में पीएम बने इमरान खान की 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता चली गई. उन्होंने पाकिस्तान की सेना और अमेरिका पर साज़िश का आरोप लगाया. इमरान खान कई मामलों में जेल में हैं और चुनाव लड़ने के अयोग्य क़रार दिए जा चुके हैं. तोशाखाना भ्रष्टारचार के एक मामले में उनको 3 साल की सजा सुनाई गई और दूसरे मामले में 10 साल की. डिप्लोमैटिक केवल यानि कि साइफर मामले में 14 साल की सजा सुनाई गई है.

इमरान खान और बुशरी बीबी की शादी को अवैध करार दिया गया है और इस मामले में दोनों को 7 साल की सजा सुनाई गई है. अल कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार और 9 मई 2023 हिंसा का मामला समेत इमरान खान पर दर्जनों मुकद्दमें हैं. इमरान खान का आरोप है कि उनको और उनकी पार्टी को चुनाव हराने के लिए ये सब किया गया है. वे पाकिस्तान की सेना और नवाज शरीफ के बीच सांठगांठ का आरोप लगा रहे है. 2018 में इसी तरह का आरोप ख़ुद उन पर लगा था.

बिलावल भुट्टो जरदारी के बारे में...
पाकिस्तान आम चुनाव में तीसरा चेहरा बिलावल भुट्टो जरदारी का है. वे पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री और आतंकी हमले में जान गंवाने वाली बेनज़ीर भुट्टो और पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के बेटे हैं. सिंध में इस पार्टी की अच्छी पकड़ है. लेकिन पंजाब में गहरी पैठ के बिना इसकी जीत की संभावना पर तमाम सवाल हैं. इमरान को हटाने के बाद नवाज़ और भुट्टो की पार्टी ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक मूवमेंट के नाम से गठबंधन सरकार बनायी थी, जिसमें क़रीब एक दर्जन पार्टी शामिल थी. इससे पहले 2008 में भी दोनों पार्टी सरकार बनाने के लिए साथ आ चुकी है. नज़र इस बार के नतीजों पर है.

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