- पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार प्रांत के असदाबाद शहर में फिर से मिसाइल हमले किए
- इन हमलों में कुनार यूनिवर्सिटी के हॉस्टल को निशाना बनाया गया और अधिकांश मारे गए आम नागरिक बताए जा रहे हैं
- पिछले हफ्ते भी पाकिस्तान ने कुनार के सरकानो जिले में हमले कर कई घरों को नुकसान पहुंचाया था
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव कम नहीं हो रहा है. अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में पाकिस्तान की ओर से फिर से गोलाबारी की गई है. इस गोलाबारी में कम से कम चार लोगों के मारे जाने की खबर है वहीं 45 लोग घायल हो गए हैं. पाकिस्तानी सेना ने कुनार के असदाबाद शहर में मिसाइल हमले किए. यहां पाकिस्तानी सेना पहले भी हमले करती रही है. पिछले हफ्ते भी पाकिस्तान ने यहां हमले किए थे.
कुमार यूनिवर्सिटी को बनाया निशाना
सूत्रों के अनुसार, इन हमलों में कुनार यूनिवर्सिटी के हॉस्टल को भी निशाना बनाया गया. कहा जा रहा है कि मारे गए लोगों में ज्यादातर आम नागरिक हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, लेकिन हताहतों की सही संख्या के बारे में अभी तक कोई पुख्ता की जानकारी नहीं मिली है.
तालिबान और पाकिस्तान में बढ़ रहा तनाव
पिछले दो महीनों में तालिबान और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. विवादित सीमावर्ती क्षेत्रों में बार-बार गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं. पूर्वी अफगानिस्तान में सीमा पार से होने वाली झड़पें लगातार बढ़ रही हैं.
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कुनार बना संघर्ष का केंद्र
हाल के हफ्तों में सीमावर्ती जिलों को निशाना बनाकर तोपखाने से गोलाबारी और हवाई हमलों की कई रिपोर्टों ने कुनार को संघर्ष का एक प्रमुख केंद्र बना दिया है, जिसके परिणामस्वरूप सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण परिवारों को अपने घरों से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा है. प्रभावित क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि बार-बार होने वाले हमलों के कारण दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया है. उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि झड़पें जारी रहीं तो एक व्यापक मानवीय संकट उत्पन्न हो सकता है.
इससे पहले 2 अप्रैल को अफगानिस्तान के अर्थव्यवस्था मंत्री कारी मोहम्मद हनीफ ने कहा था कि पाकिस्तान की सेना द्वारा किए गए हमलों के कारण नौ प्रांतों में 27,000 से अधिक अफगान परिवार विस्थापित हो गए हैं. उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाकों में भारी हथियारों के इस्तेमाल से आम नागरिकों की जान गई है और सैकड़ों परिवार विस्थापित हुए हैं. उन्होंने इन कार्रवाइयों को गंभीर मानवीय उल्लंघन और इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ बताया.
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